देश में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज: मई 2026 से शुरू होगा मकानों की गणना का पहला चरण

रायपुर। भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। देश की इस सबसे बड़ी सांख्यिकीय प्रक्रिया को दो चरणों में संपन्न किया जाएगा। जनगणना का पहला चरण यानी मकानसूचीकरण और मकानों की गणना 1 मई से 30 मई 2026 तक संचालित होगा, जबकि जनसंख्या की मुख्य गणना फरवरी-मार्च 2027 में की जाएगी।

पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना
इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता इसका डिजिटल स्वरूप होना है। आम नागरिक अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकें, इसके लिए स्व-गणना का विकल्प दिया गया है। लोग 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी पोर्टल पर दे सकेंगे। इसके बाद प्रगणक घर-घर जाकर इस जानकारी का सत्यापन करेंगे। पहले चरण में मोबाइल एप के माध्यम से मकान की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और संपत्तियों से संबंधित 33 सवाल पूछे जाएंगे।

गोपनीय रहेगी व्यक्तिगत जानकारी
जनगणना अधिनियम 1948 के प्रावधानों के तहत नागरिकों द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। इस डेटा का उपयोग केवल भविष्य की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण के लिए किया जाएगा। जनगणना संबंधी किसी भी पूछताछ या जानकारी के लिए राज्य में 16 अप्रैल 2026 से टोल फ्री नंबर 1855 भी शुरू किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में 62 हजार से अधिक कर्मचारी तैनात
छत्तीसगढ़ राज्य में जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए करीब 62,500 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यह प्रक्रिया राज्य के सभी 33 जिलों, 195 नगरीय निकायों और लगभग 20 हजार गांवों में एक साथ चलेगी। सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे प्रगणकों को सही जानकारी देकर इस राष्ट्रीय कार्य में अपना सहयोग प्रदान करें ताकि सटीक आंकड़ों के आधार पर विकास की योजनाएं बनाई जा सकें।




