छत्तीसगढ़ के 10 किशोर न्याय बोर्ड में नए प्रधान न्यायाधीश नियुक्त, रायपुर में विशेष न्यायाधीश की भी तैनाती

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य के किशोर न्याय बोर्डों में अहम बदलाव किए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिसूचना के बाद 10 जिलों में नए प्रधान न्यायाधीशों की पदस्थापना का आदेश जारी किया गया है।
आदेश के अनुसार कल्पना भगत को अंबिकापुर, दिव्या गोयल को जशपुर और सविता सिंह ठाकुर को बिलासपुर में जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह सिद्बार्थ आनंद सोनी को जांजगीर, आरती ठाकुर को बेमेतरा और माधुरी मरकाम को राजनांदगांव में पदस्थ किया गया है। अंशुल वर्मा को गरियाबंद, अंकिता तिग्गा को कांकेर, अरुण नोर्गे को महासमुंद, विनय कुमार साहू को धमतरी और मीनू नंद को सुकमा में किशोर न्याय बोर्ड का प्रधान न्यायाधीश बनाया गया है।
रायपुर में विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति
हाई कोर्ट ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए रायपुर में विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति की है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी खिलेश्वरी सिन्हा को यह जिम्मेदारी दी गई है। वे पूरे छत्तीसगढ़ में ऐसे मामलों की सुनवाई करेंगी, जिनकी जांच सीबीआई ने की हो। हालांकि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामले इस दायरे में शामिल नहीं होंगे। उनका मुख्यालय रायपुर रहेगा किशोर न्याय बोर्ड बच्चों से जुड़े मामलों की सुनवाई करते हैं। यहां संवेदनशील तरीके से मामलों को देखा जाता है। समय-समय पर इन बोर्डों में न्यायाधीशों की नियुक्ति की जाती है, ताकि कामकाज सुचारु रहे
इन नई नियुक्तियों से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही, बच्चों से जुड़े मामलों में बेहतर सुनवाई और समय पर फैसले मिल सकेंगे। रायपुर में विशेष न्यायाधीश की तैनाती से सीबीआई जांच वाले मामलों की सुनवाई भी अब ज्यादा व्यवस्थित तरीके से हो पाएग



