बिलासपुर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का प्रस्ताव: मुकदमों में भारी कॉस्ट लगाने और लिस्टिंग की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर चीफ जस्टिस को ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन 23 मार्च 2026 को आयोजित जनरल बॉडी बैठक में पारित प्रस्तावों के आधार पर तैयार किया गया है, जिसमें अदालत के दैनिक कामकाज में सुधार से संबंधित कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि न्यायाधीशों द्वारा अधिवक्ताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणियां नहीं की जानी चाहिए। इसके साथ ही यह मांग भी रखी गई है कि मुकदमों में लागत लगाना सामान्य नियम न बनाकर अपवाद के रूप में ही लागू किया जाए।
बार एसोसिएशन ने प्रस्ताव दिया है कि बिना केस लिस्टिंग के भी एडजर्नमेंट की अनुमति दी जाए और पास ओवर को सामान्य प्रक्रिया बनाया जाए। इसके अलावा आपराधिक अपील से जुड़े मामलों में विशेष जोर देते हुए एडमिशन और सस्पेंशन से संबंधित प्रकरणों की त्वरित लिस्टिंग सुनिश्चित करने की मांग की गई है, ताकि लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा हो सके।
ज्ञापन में हाईकोर्ट परिसर में कॉफी हाउस जाने वाले मार्ग के साइड गेट को खोलने की मांग भी शामिल है। बार एसोसिएशन ने इन सभी प्रस्तावों पर आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा जताते हुए कहा है कि इससे न्यायालय की कार्यप्रणाली और अधिक सुचारू और प्रभावी हो सकेगी। ज्ञापन पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रजनीश सिंह बघेल और सचिव अनिल त्रिपाठी के हस्ताक्षर हैं।



