मिडिल ईस्ट में छिड़ा हवाई युद्ध! अमेरिका और ईरान के टकराव से भारत में बढ़ सकती है महंगाई; तेल और गैस सप्लाई पर गहराया संकट

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने अब गंभीर रूप ले लिया है। शुक्रवार को ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी वायुसेना के A-10 थंडरबोल्ट विमान को मार गिराने का दावा किया है। एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा मामला बताया जा रहा है, जब ईरान ने अमेरिका के सैन्य विमान को निशाना बनाया है। इससे पहले F-15 फाइटर जेट को गिराने का भी दावा किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, हमले के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को कुवैत के हवाई क्षेत्र की ओर मोड़ा और सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा। विमान कुवैत सीमा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जबकि पायलट सुरक्षित बताया जा रहा है।
ईरानी सेना ने अल जजीरा के माध्यम से इस हमले की पुष्टि की है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका पहले से अपने लापता चालक दल के सदस्यों की तलाश में सर्च एंड रेस्क्यू अभियान चला रहा है।
बचाव अभियान भी बना निशाना
रिपोर्ट के मुताबिक, रेस्क्यू मिशन में जुटे दो UH-60 ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टरों पर भी हमला किया गया। इस हमले में कुछ सदस्यों को मामूली चोटें आई हैं, हालांकि सभी को सुरक्षित बताया गया है। इससे पहले F-15 फाइटर जेट के दो चालक दल में से एक को ही बचाया जा सका है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।
ट्रंप बोले यह युद्ध की स्थिति
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मौजूदा हालात युद्ध जैसे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति कूटनीतिक बातचीत को प्रभावित नहीं करेगी और अमेरिका पूरी तरह तैयार है।
ऊर्जा आपूर्ति पर संकट
जिस क्षेत्र में ये घटनाएं हो रही हैं, वह दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है। यह मार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का प्रमुख रास्ता है। यहां बढ़ते सैन्य टकराव से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है।
भारत पर असर की आशंका
भारत के लिए यह स्थिति चिंताजनक मानी जा रही है, क्योंकि देश अपनी एलपीजी और कच्चे तेल की बड़ी आपूर्ति इसी मार्ग से प्राप्त करता है। सप्लाई प्रभावित होने पर घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और महंगाई बढ़ने की आशंका है। हाल के दिनों में कुछ भारतीय टैंकरों को इस मार्ग से गुजरने में दिक्कतें भी सामने आई हैं।



