भाजपा का लोकतंत्र विरोधी चेहरा आया सामने, मुकेश मल्होत्रा मामले में न्याय के लिए शीर्ष अदालत जाएगी कांग्रेस

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विजयपुर विधानसभा मामले को लेकर राज्य सरकार पर तीखा सियासी हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से भाजपा की खरीद-फरोख्त की राजनीति और उसका चाल, चरित्र और चेहरा सामने आ गया है। पटवारी ने आरोप लगाया कि पहले कांग्रेस की चुनी हुई सरकार को खरीद-फरोख्त कर गिराया गया और अब इस मामले में भी लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र, आदिवासी और दलित विरोधी मानसिकता वाली पार्टी है। विधानसभा में एक आदिवासी नेता की औकात पूछे जाने की घटना भी इसी सोच को दर्शाती है।
पटवारी ने कहा कि मुकेश मल्होत्रा के चुनाव हार-जीत से जुड़े फैसले ने कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से निर्णय हुआ है, वह आश्चर्यचकित करने वाला है। उनका कहना था कि मामला ऐसा नहीं था जिससे चुनाव परिणाम पर प्रभाव पड़ता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी और कानूनी प्रक्रिया के तहत पूरा पक्ष अदालत के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि वे न्यायालय और फैसला देने वाले न्यायाधीश का सम्मान करते हैं, लेकिन लोगों के बीच यह धारणा बन रही है कि फैसला सही नहीं है।
पटवारी ने कहा कि मुकेश मल्होत्रा मामले में सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा सहित अन्य वकील कांग्रेस की ओर से पैरवी करेंगे। उन्होंने विधायक निर्मला सप्रे के मामले को उठाते हुए कहा कि इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि भाजपा इस मामले में एक अदालत से दूसरी अदालत तक गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि भाजपा में दम है तो निर्मला सप्रे का चुनाव कराकर दिखाए।
किसानों के मुद्दे पर भी पटवारी ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और व्यापार समझौतों के कारण किसानों पर दबाव बढ़ रहा है। उनके अनुसार किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को स्पष्ट नीति अपनानी चाहिए।
प्रदेश सरकार के कर्ज लेने के मुद्दे पर भी पटवारी ने आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार की भूमिका अब तक सकारात्मक नजर नहीं आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है और कई विश्वविद्यालय डिग्री बेचने वाले संस्थान बन गए हैं। पटवारी ने कहा कि लाडली बहना योजना के तहत तीन हजार रुपये देने का वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उनका कहना था कि आर्थिक स्थिति सुधारने के बजाय सरकार लगातार कर्ज ले रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सत्ता में आने पर प्रदेश के कर्ज को चुकाने का प्रयास करेगी।



