अनुशासन के नाम पर क्रूरता: शिक्षकों ने छात्रों को लात-डंडों से पीटा, किसी का कान फटा तो किसी की आंख हुई लाल

दुर्ग। जिले के बोरई स्थित जवाहर नवोदय स्कूल में मोबाइल रखने के आरोप में दो शिक्षकों द्वारा छात्रों की पिटाई का मामला सामने आया है। घटना पुलगांव थाना क्षेत्र की है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपित शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने दोनों को निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार स्कूल में मोबाइल लाने की अनुमति नहीं है, इसके बावजूद कक्षा 10वीं और 12वीं के कुछ छात्र मोबाइल छिपाकर उपयोग कर रहे थे। 21 फरवरी को सुबह करीब 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे के बीच इस बात को लेकर छात्रों को पहले प्रिंसिपल कार्यालय में मोबाइल जमा करने के लिए कहा गया। इसके बाद उन्हें वाइस प्रिंसिपल के केबिन में बुलाया गया, जहां लकड़ी के डंडे, हाथ-मुक्के और लात से मारपीट की गई।
पीड़ित छात्रों के अनुसार मारपीट में एक छात्र की आंखें लाल हो गईं, एक के कान से खून निकलने लगा। एक अन्य छात्र ने आरोप लगाया कि उसे निजी अंग पर लात मारी गई, जिससे दर्द और सूजन की शिकायत हुई। घटना स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। हालांकि फुटेज सार्वजनिक नहीं किया गया है।
पीड़ित छात्रों ने 22 फरवरी को अपने परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी। 24 फरवरी को नौ छात्र अपने अभिभावकों के साथ पुलगांव थाने पहुंचे और शिक्षक पीयूष कुमार तथा पीटी शिक्षक रविशंकर मंडलोई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। छात्र के पिता डोमन देशलहरा ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे ने फोन पर बताया था कि मोबाइल रखने की बात पर उसे और अन्य छात्रों को वाइस प्रिंसिपल के कमरे में बुलाकर बेरहमी से पीटा गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।



