सुकुलबाय में वन विभाग ने चलाया जागरूकता अभियान, ग्रामीणों को दी जंगल को आग से बचाने की सीख

बारनवापारा। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के बारनवापारा परियोजना मंडल अंतर्गत रायकेरा रेंज द्वारा ग्राम सुकुलबाय में वन अग्नि सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शासकीय विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को जंगल में आग लगने के कारणों और उससे होने वाले गंभीर नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेष रूप से महुआ संग्रहण के दौरान सूखी पत्तियों में आग लगाने की परंपरा पर चर्चा करते हुए इसके दुष्परिणामों के प्रति सचेत किया गया। अधिकारियों ने बताया कि फरवरी से जून तक का समय फायर सीजन होता है, जिसमें बढ़ती गर्मी और सूखी पत्तियों के कारण आग लगने का खतरा सर्वाधिक रहता है।
ग्रामीणों को आगाह किया गया कि जंगल में आग लगने से न केवल बहुमूल्य वन संपदा और वन्यजीवों के आवास नष्ट होते हैं, बल्कि मिट्टी की उर्वरता में भी कमी आती है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि जानबूझकर आग लगाना भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत दंडनीय अपराध है, जिसमें जुर्माना और कारावास का प्रावधान है।
बचाव के उपायों पर चर्चा करते हुए सुझाव दिया गया कि जंगल में जलती हुई बीड़ी-सिगरेट न फेंकें और महुआ या तेंदूपत्ता संग्रहण के समय आग का प्रयोग करने से बचें। अधिकारियों ने अपील की कि किसी भी स्थान पर आग दिखने या संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत विभाग को सूचित करें। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने वन संरक्षण की शपथ ली और जंगलों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।



