पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण की बैठक में मुख्यमंत्री ने दिए अधूरे कार्यों को दो माह में पूरा करने के निर्देश

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में शुक्रवार को दुर्ग जिला मुख्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की पहली बैठक संपन्न हुई। लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में पिछड़ा वर्ग समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने प्राधिकरण के माध्यम से स्वीकृत विभिन्न विकास कार्यों और बजट प्रावधानों का आकलन करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जो कार्य अब तक अधूरे हैं या शुरू नहीं हो पाए हैं, उन्हें आगामी दो माह के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया कि ग्रामीण और पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए और स्वीकृत बजट का समय पर सदुपयोग सुनिश्चित हो ताकि विकास का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंच सके।
बैठक में मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक के कार्यों की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा, छात्रावासों के विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया। प्राधिकरण के अंतर्गत राज्य के 35 विधानसभा क्षेत्र आते हैं, जहां बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से विकास कार्यों को गति दी जा रही है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, टंकराम वर्मा, लक्ष्मी राजवाड़े, गुरु खुशवंत साहेब और गजेन्द्र यादव सहित सांसद बृजमोहन अग्रवाल, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर और कई विधायक व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए ताकि शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।



