मुंगेली में धान खरीदी में अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई, 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त

मुंगेली। धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के लिए मुंगेली जिले में कलेक्टर कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई कर रहा है। राज्य आईसीसीसी से प्राप्त अलर्ट और मुख्य सचिव विकासशील के निर्देशों के अनुपालन में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय सहित राजस्व, पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने जिले की विभिन्न राइस मिलों में छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान ओवरलोडिंग, रिसायक्लिंग और कस्टम मिलिंग से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
जांच उपरांत मुंगेली के उपलेटा राइस मिल, नवागांव घुठेरा रोड स्थित नेशनल दाल मिल, पंडरिया रोड स्थित वर्धमान मिलिंग इंडस्ट्रीज, जैन राइस इंडस्ट्रीज और नवकार दाल उद्योग में कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी पाए जाने पर 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया। वहीं नवागढ़ रोड स्थित दीपक राइस इंडस्ट्रीज और दीपक मिलिंग इंडस्ट्रीज में 198 क्विंटल से अधिक धान की कमी पाई गई, जबकि लोरमी रोड स्थित एसएस फूड में 1761 क्विंटल से अधिक धान की कमी उजागर हुई। जिला खाद्य अधिकारी हुलेश डड़सेना ने बताया कि अनियमितता पाए जाने पर छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश और मोटर वाहन अधिनियम के तहत 19 राइस मिलों पर कार्रवाई की जा रही है, जिनमें से 14 राइस मिलों को सील कर दिया गया है।
राज्य शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में मिलर्स द्वारा समितियों से धान उठाव की प्रक्रिया जारी है। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए आईसीसीसी कमांड सेंटर के माध्यम से धान परिवहन में लगे वाहनों को जीपीएस से ट्रैक किया जा रहा है। यदि कोई वाहन निर्धारित मार्ग से भटकता है, अधिक समय तक एक स्थान पर रुकता है या क्षमता से अधिक धान का परिवहन करता है, तो इसकी जानकारी पोर्टल पर ऑनलाइन प्रदर्शित होती है, जिसकी जांच जिला स्तर पर की जाती है।
अवैध धान भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिले की सीमाओं और चेक पोस्ट पर निगरानी और चौकसी बढ़ा दी गई है। संदिग्ध वाहनों की सघन जांच के साथ रात्रिकालीन गश्त भी की जा रही है। कोचियों और बिचौलियों के माध्यम से अवैध धान खपाने की शिकायतों पर रोक लगाने और धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिले में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से खरीदी, भंडारण और परिवहन की रियल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है और अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।



