महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने भाजपा और केंद्र सरकार पर साधा निशाना, गठबंधन और नीतियों पर उठाए सवाल

मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में यह पहली बार है जब वे किसी गठबंधन का हिस्सा बने हैं। राज ठाकरे ने स्वीकार किया कि सीट न मिलने से उनके कई करीबी नेता नाराज होकर अलग हो गए, लेकिन विश्वास जताया कि वे सभी फिर लौटकर उनके साथ आएंगे। इसके अलावा मराठी और हिंदू मेयर के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे की प्रतिक्रिया आई है। देवेंद्र फडणवीस के बयान पर उन्होंने कहा कि क्या मराठी होना हिंदू होना नहीं है।
राज ठाकरे ने अपने भाषण की शुरुआत स्कूलों में हिंदी भाषा को अनिवार्य करने के मुद्दे से की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ भाषा का सवाल नहीं था, बल्कि यह देखने की कोशिश थी कि आप अब भी जाग रहे हैं या नहीं। इतनी बड़ी भाषा नीति लागू करने से पहले हमसे कोई राय नहीं ली गई। इन्हें लगता है कि पैसे के दम पर सबको खरीदा जा सकता है। ये आपको हल्के में ले रहे हैं।
भाजपा पर सीधा हमला करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि पार्टी ने अलग-अलग जगहों पर विरोधाभासी गठबंधन किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अकोला में भाजपा ने एआईएमआईएम के साथ गठबंधन किया, बदनापुर में कांग्रेस के साथ। करीब 66 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए। एक ड्रग्स रैकेट से जुड़े व्यक्ति को टिकट दिया गया और नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप झेल रहे व्यक्ति को पार्षद बना दिया गया। यह हिम्मत आखिर आती कहां से है।
राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला बोला। भाषण के दौरान उन्होंने एलसीडी स्क्रीन पर प्रेजेंटेशन दिखाया। उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद महाराष्ट्र और देश में हालात तेजी से बदले। देश का नक्शा दिखाते हुए राज ठाकरे ने कहा कि 2014 में गौतम अडानी की परियोजनाएं सीमित थीं, लेकिन 2025 तक ये कई गुना बढ़ गईं। पिछले दस सालों में अडानी देश के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए। महाराष्ट्र में भी उनका विस्तार लगातार बढ़ा है।



