रायगढ़ में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, एसडीएम कार्यालय का बाबू 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

रायगढ़। नए साल की शुरुआत में ही एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ एसडीएम कार्यालय में पदस्थ बाबू अनिल कुमार चेलक को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी एक ग्रामीण से जमीन संबंधी शिकायत नस्तीबद्ध करने के बदले रिश्वत मांग रहा था।
डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह ने बताया कि 24 दिसंबर 2025 को ग्राम अमलीटिकरा, तहसील धर्मजयगढ़ निवासी राजू कुमार यादव ने एसीबी इकाई बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने ग्राम अमलीटिकरा में भूमि क्रय की थी, जिसकी रजिस्ट्री और नामांतरण उसके नाम पर विधिवत हो चुका है। इसके बावजूद एसडीएम कार्यालय धर्मजयगढ़ में पदस्थ बाबू अनिल कुमार चेलक ने उसे बुलाकर जमीन की रजिस्ट्री गलत तरीके से होने और उसके व विक्रेता के खिलाफ शिकायत होने की बात कही।
इसके बाद बाबू ने शिकायत को नस्तीबद्ध करने के एवज में दो लाख रुपये की मांग की। पीड़ित रिश्वत नहीं देना चाहता था और आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाने के उद्देश्य से एसीबी में शिकायत की, जिसे सत्यापन के बाद सही पाया गया। आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये देने पर सहमति बनी।
एसीबी ने ट्रैप की योजना तैयार कर 2 जनवरी को कार्रवाई की। शिकायतकर्ता एक लाख रुपये लेकर धर्मजयगढ़ स्थित आरोपी के शासकीय आवास पहुंचा। जैसे ही आरोपी ने रुपये अपने हाथ में लिए, उसे संदेह हुआ और उसने आवास का दरवाजा बंद कर लिया। काफी प्रयास के बाद एसीबी टीम ने दरवाजा खुलवाया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने रिश्वत की रकम को बैग में डालकर दीवार के पीछे फेंक देने की बात स्वीकार की, जहां से एसीबी टीम ने एक लाख रुपये बरामद कर लिए।
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है। डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एसीबी की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। नए वर्ष में यह छत्तीसगढ़ में एसीबी की पहली बड़ी और सफल कार्रवाई मानी जा रही है।



