योग केवल व्यायाम नहीं, तन-मन का संपूर्ण विज्ञान है: डॉ. वर्णिका शर्मा

सारंगढ़-बिलाईगढ़। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नगर पंचायत सरिया में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने योग को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताते हुए इसे स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र निर्माण का आधार बताया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह तन और मन को जोड़ने वाला संपूर्ण विज्ञान है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में योग की पहचान और महत्व लगातार बढ़ा है। आज यह दुनिया भर में लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बन रहा है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि योग व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ मानसिक रूप से भी मजबूत बनाता है। नियमित योगाभ्यास से आत्मविश्वास बढ़ता है, तनाव कम होता है और जीवन में संतुलन आता है। उन्होंने कहा कि योग का असली उद्देश्य व्यक्ति के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।
योग से युवा रहेगा भारत
अपने संबोधन में उन्होंने भारत के युवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल उम्र के आंकड़ों से कोई देश युवाओं का देश नहीं बनता। असली युवा वही है जो शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हो। उन्होंने कहा कि योग करने वाला हर व्यक्ति युवा महसूस करता है और योग ही भारत को लंबे समय तक ऊर्जावान और स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि योग किसी विशेष आयु वर्ग तक सीमित नहीं है। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी इसके लाभ ले सकते हैं। योग जीवन में अनुशासन, जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच विकसित करता है।
घर-घर तक पहुंचाने का किया आह्वान
उन्होंने लोगों से अपील की कि योग को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित न रखें। इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से स्वस्थ, सशक्त और जागरूक समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष अरुण शराप, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही, पार्षदगण, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।



