
नवी मुंबई, 3 नवंबर 2025। Women’s World Cup 2025 के फाइनल मुकाबले में भारत की महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से पराजित कर दिया। यह जीत सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की नई पहचान बन गई है। पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीतकर भारत ने खेल इतिहास में सुनहरे अक्षरों में अपना नाम दर्ज किया।
भारत की जीत की कहानी – जब हर रन बना उम्मीद का प्रतीक
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट पर 298 रन बनाए। शेफाली वर्मा (87 रन) और स्मृति मंधाना (76 रन) की शानदार साझेदारी ने टीम को मजबूत शुरुआत दी। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम पूरी तरह दबाव में आ गई और 246 रन पर सिमट गई।
दीप्ति शर्मा ने अपनी गेंदबाजी से कमाल करते हुए पांच विकेट झटके और मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया।
दीप्ति शर्मा और शेफाली वर्मा – जीत की असली हीरो
दीप्ति शर्मा ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन फाइनल में उनकी पांच विकेट की बेमिसाल गेंदबाजी ने उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बना दिया। वहीं शेफाली वर्मा ने बल्ले और गेंद दोनों से योगदान देकर दिखाया कि वे भारत की सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडर हैं।
स्मृति मंधाना ने तोड़ा मिताली राज का रिकॉर्ड
भारतीय उपकप्तान स्मृति मंधाना ने इस टूर्नामेंट में कुल 434 रन बनाए — जो Women’s World Cup 2025 में किसी भी भारतीय महिला खिलाड़ी द्वारा बनाए गए सर्वाधिक रन हैं। इस उपलब्धि से उन्होंने दिग्गज बल्लेबाज मिताली राज के 2017 विश्व कप में बनाए 409 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
मंधाना की बल्लेबाजी में तकनीक, संयम और आत्मविश्वास का अद्भुत संतुलन देखने को मिला, जिसने भारत को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
एल वोल्वार्ट की शतकीय पारी रही नाकाफी
दक्षिण अफ्रीका की कप्तान एल वोल्वार्ट ने शानदार 101 रन की पारी खेली, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सकीं। उन्होंने Women’s World Cup Records में सबसे अधिक 50+ स्कोर बनाने का नया रिकॉर्ड कायम किया, इस मामले में मिताली राज को पीछे छोड़ दिया।
भारतीय महिला क्रिकेट का नया युग शुरू
यह जीत सिर्फ ट्रॉफी नहीं, बल्कि उस मेहनत, समर्पण और संघर्ष का परिणाम है जो भारतीय महिला खिलाड़ियों ने वर्षों से किया है। भारत ने 52 साल के महिला वनडे विश्व कप इतिहास में पहली बार यह खिताब जीता — एक ऐसा पल जिसने हर भारतीय को गर्व से भर दिया।
महिला क्रिकेट को मिलेगा नया आयाम
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि Indian Women’s Cricket अब एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। इस जीत से भारतीय टीम को न केवल अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए यह प्रेरणा का स्रोत बन गया है।



