छत्तीसगढ़ की सभी 33 जेलों में वीडियो और ऑडियो कॉलिंग सुविधा शुरू होगी, बीएसएनएल के साथ हुआ समझौता

रायपुर, 30 मार्च 2026। प्रदेश की जेलों में बंदियों के मानवीय अधिकारों और सामाजिक पुनर्वास को मजबूत करने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। जेल मुख्यालय ने भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के साथ समझौता कर राज्य की सभी 33 जेलों में वीडियो और ऑडियो प्रिजन कॉलिंग सिस्टम शुरू करने की पहल की है। इस सुविधा के जरिए अब बंदी अपने परिवारजनों और अधिवक्ताओं से वीडियो और ऑडियो कॉल के माध्यम से आसानी से संपर्क कर सकेंगे।
इस समझौते के तहत बीएसएनएल द्वारा राज्य की सभी 33 जेलों में निःशुल्क रूप से वीडियो एवं ऑडियो प्रिजन कॉलिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। यह पहल बंदियों को उनके परिवारजनों से नियमित और सुगम संपर्क स्थापित करने में सहायक होगी। प्रत्येक जेल में इस प्रणाली की स्थापना के लिए उप मुख्यमंत्री (जेल विभाग) विजय शर्मा द्वारा निर्देशित किया गया है।
बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव
बंदियों के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य के संरक्षण में परिवार से संपर्क अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लंबे समय तक परिजनों से दूरी बंदियों में तनाव, अवसाद और सामाजिक अलगाव की भावना बढ़ाती है। यह तकनीकी सुविधा उनके मानसिक संतुलन को बनाए रखने में सहायक होगी और उनके व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
घर बैठे सुविधा, समय और खर्च की बचत
प्रिजन कॉलिंग सिस्टम स्थापित होने से बंदियों के परिवारजनों को जेल तक आने-जाने के समय और खर्च में बचत होगी। वर्तमान में राज्य की 17 जेलों में ऑडियो प्रिजन कॉलिंग सिस्टम स्थापित हैं, जबकि किसी भी जेल में वीडियो प्रिजन कॉलिंग सिस्टम उपलब्ध नहीं है।
शुल्क और सुविधा
बीएसएनएल द्वारा सभी मशीन, हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर निःशुल्क प्रदाय किए जाएंगे। ऑडियो कॉलिंग के लिए प्रति मिनट एक रुपये तथा वीडियो कॉलिंग के लिए पांच रुपये का शुल्क लिया जाएगा। प्रत्येक बंदी को सप्ताह में एक बार पांच मिनट के लिए ऑडियो या वीडियो कॉलिंग की सुविधा दी जाएगी।
प्रथम चरण में यहां स्थापित होंगी सुविधाएं
समझौते के अनुसार प्रथम चरण में वीडियो एवं ऑडियो कॉलिंग सुविधा निम्नानुसार स्थापित की जाएगी:
केंद्रीय जेल (रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर): एक वीडियो और एक ऑडियो प्रिजन कॉलिंग सिस्टम।
जिला जेल (जशपुर, कबीरधाम, रायगढ़, जांजगीर, कोरबा, राजनांदगांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर, रामानुजगंज): एक वीडियो और एक ऑडियो प्रिजन कॉलिंग सिस्टम।
जिला जेल (धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, पेंड्रारोड, मुंगेली, बैकुण्ठपुर, सूरजपुर, संजारी-बालोद, बेमेतरा): एक ऑडियो प्रिजन कॉलिंग सिस्टम।
उप जेल (कटघोरा, सक्ती, सारंगढ़, मनेन्द्रगढ़, डोंगरगढ़, खैरागढ़, नारायणपुर, बीजापुर): एक ऑडियो प्रिजन कॉलिंग सिस्टम।
जेल विभाग ने विश्वास व्यक्त किया है कि बीएसएनएल के सहयोग से स्थापित यह प्रणाली राज्य की जेलों में सुधारात्मक प्रशासन को नई दिशा प्रदान करेगी और बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।



