अमेरिकी सांसदों ने उमर खालिद को जमानत पर रिहा करने की मांग की, भारतीय राजदूत को लिखी चिट्ठी

वाशिंगटन। अमेरिका के आठ डेमोक्रेट सांसदों ने दिल्ली दंगा मामले में आरोपी उमर खालिद को जमानत पर रिहा करने तथा मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध सुनवाई की मांग की है। सांसदों ने इस संबंध में अमेरिका में तैनात भारतीय राजदूत को पत्र लिखा है।
पत्र में सांसदों ने उमर खालिद को पांच वर्ष से अधिक समय तक बिना सुनवाई के हिरासत में रखे जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनी मानकों के विपरीत बताया तथा पूछा है कि इतने लंबे समय तक न्यायिक सुनवाई क्यों शुरू नहीं हो सकी। साथ ही गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के उस प्रावधान पर भी सवाल उठाया गया, जिसके तहत बिना सुनवाई के लंबी हिरासत संभव है।
पत्र का नेतृत्व करने वाले सांसद जिम मैकगवर्न और जैमी रस्किन हैं। अन्य हस्ताक्षरकर्ताओं में क्रिस वान होलेन, पीटर वाल्च, प्रमिला जयपाल, जैन स्कावोस्की, राशिदा तालिब तथा लॉयड डॉगेट शामिल हैं। सांसदों ने भारतीय लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान जताते हुए भी मामले में त्वरित न्याय की अपील की है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र उमर खालिद 2020 दिल्ली दंगे की साजिश के आरोप में सितंबर 2020 से जेल में बंद हैं। सांसद मैकगवर्न ने बताया कि उन्होंने हाल ही में वाशिंगटन में खालिद के परिजनों से मुलाकात की थी।



