दिव्यांग की पीड़ा सुनते ही मुख्यमंत्री ने दी मोटराइज्ड ट्राइसिकल की सौगात, चंदूलाल भावुक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संवेदनशील और जनहितकारी शासन की भावुक झलक चंदखुरी में देखने को मिली, जब उन्होंने एक दिव्यांग ग्रामीण की समस्या को मौके पर ही सुनकर उसका समाधान सुनिश्चित कर दिया।
चंदखुरी निवासी दिव्यांग चंदूलाल वर्मा कायस्थ मंगल भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से मिलने की आशा लेकर पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्ति के बाद जब वे आगे बढ़े, तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इसी दौरान मुख्यमंत्री की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षाकर्मियों को चंदूलाल को मंच पर बुलाने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री से मिलते ही चंदूलाल ने अपनी व्यथा साझा की। उन्होंने बताया कि वे पहले राजमिस्त्री का काम करते थे, लेकिन शुगर की बीमारी और डायबिटिक फुट के कारण पैरों में गंभीर समस्या हो गई, जिससे चलना-फिरना कठिन हो गया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे अब कोई कार्य नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें बैटरी संचालित ट्राइसिकल की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने उनकी बात पूरी संवेदनशीलता के साथ सुनी और तत्काल सहायता राशि प्रदान करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि उन्हें शीघ्र मोटराइज्ड ट्राइसिकल उपलब्ध कराया जाए। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतीक बैस ने त्वरित प्रक्रिया पूर्ण कर चंदूलाल वर्मा को मोटराइज्ड ट्राइसिकल प्रदान कर दी।
अपनी खुशी व्यक्त करते हुए चंदूलाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “मैंने सोचा भी नहीं था कि मुख्यमंत्री मुझसे मिलेंगे और मेरी समस्या का इतना जल्दी समाधान हो जाएगा। मैं उनका दिल से आभारी हूं। धन्यवाद विष्णु भइया।”
यह घटना दर्शाती है कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर नागरिक तक संवेदनशीलता, पहुंच और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री का यह व्यवहार सुशासन के उस मॉडल को मजबूत करता है, जिसमें हर जरूरतमंद की आवाज सीधे शासन तक पहुंचती है और समाधान उतनी ही तेजी से मिलता है।




