केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रायपुर पहुंचे, 60वीं अखिल भारतीय डीजीपी-आईजी सम्मेलन 28 से 30 नवंबर तक

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पहली बार आयोजित हो रही 60वीं अखिल भारतीय डीजीपी-आईजी सम्मेलन में शामिल होने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार देर रात रायपुर पहुंच गए। स्वामी विवेकानंद विमानतल पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, मंत्री दयालदास बघेल, श्याम बिहारी जायसवाल तथा गजेंद्र यादव ने उनका स्वागत किया। सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे और वे शुक्रवार को रायपुर पहुंचेंगे।
नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) परिसर में 28 से 30 नवंबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन का विषय ‘विकसित भारत : सुरक्षा आयाम’ है। सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद निरोध, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा तथा पुलिसिंग में फोरेंसिक विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे।
देशभर से डीजीपी, आईजी, एडीजी, आईबी प्रमुख सहित करीब 75 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रायपुर पहुंच चुके हैं। सभी राज्य अपने अपराध नियंत्रण प्रयासों पर प्रस्तुति देंगे, जिसके आधार पर एक मॉडल राज्य चुनकर कॉमन गाइडलाइन जारी की जा सकेगी। पिछले वर्ष यह सम्मेलन भुवनेश्वर (ओडिशा) में हुआ था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एम-1 तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एम-11 में ठहरेंगे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, आईबी प्रमुख तपन डेका, केंद्रीय गृह सचिव सहित अन्य वीवीआईपी नए सर्किट हाउस में रहेंगे। ठाकुर प्यारेलाल राज्य अतिथि गृह में 140 तथा निमोरा अकादमी में 91 कमरों की व्यवस्था की गई है।
सम्मेलन की सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दीपांशु काबरा तथा पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा को सौंपी गई है। राज्य पुलिस के साथ केंद्रीय बल, खुफिया एजेंसियां समन्वय करेंगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि इस महीने प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ में दूसरा दौरा है, जो राज्य के प्रति उनके विशेष लगाव को दर्शाता है। प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री तीन दिन राज्य में रहेंगे।
2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इस सम्मेलन का स्वरूप बदला है और अब तक यह गुवाहाटी, कच्छ, हैदराबाद, ग्वालियर, केवड़िया, पुणे, लखनऊ, दिल्ली, जयपुर तथा भुवनेश्वर में आयोजित हो चुका है। छत्तीसगढ़ में इसका आयोजन पहली बार हो रहा है, जिसे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।



