कोरबा में रेलवे लाइन परियोजना से दो करोड़ का लोहा पार, कंपनी का ऑपरेटर और कबाड़ी गिरफ्तार

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में गेवरा-सेन्दुरगढ़ रेलवे लाइन निर्माण परियोजना में करोड़ों रुपये के सामान की हेराफेरी का मामला उजागर हुआ है। कटघोरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निर्माण कंपनी के ही एक ऑपरेटर और चोरी का सामान खरीदने वाले कबाड़ी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने स्टोर से करीब दो करोड़ रुपये मूल्य का लोहा और पुरानी रेल पटरियां चोरी कर बेच दी थीं।
शिवाकृति इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी के मुख्य प्रोजेक्ट मैनेजर सुरेंद्र कुमार जांगिड़ ने इस संबंध में पुलिस को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि सिंघिया और सुतर्रा स्थित स्टोर से भारी मात्रा में लोहे का सामान गायब है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान जब कर्मचारियों से पूछताछ की गई, तो पता चला कि यह किसी बाहरी गिरोह का काम नहीं बल्कि अंदरूनी खेल था।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि कंपनी में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत तेजबहादुर पटेल पिछले चार महीनों से लगातार लोहे के स्क्रैप और पटरियों के टुकड़ों को चोरी-छिपे बेच रहा था। पुलिस ने उत्तर प्रदेश निवासी आरोपी तेजबहादुर और कटघोरा के कबाड़ी राहुल सिंह मरकाम को हिरासत में ले लिया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी में प्रयुक्त जेसीबी मशीन, नकदी और करीब दो क्विंटल रेलवे पटरी के टुकड़े बरामद किए गए हैं।
दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब दो करोड़ रुपये के शेष सामान की बरामदगी और इस नेटवर्क में शामिल अन्य संभावित संदिग्धों का पता लगाने के लिए विस्तृत विवेचना कर रही है।



