पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर तृणमूल कांग्रेस आयोग से फिर मिलेगी, 31 दिसंबर का समय मिला

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कटने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग को फिर से घेरने की तैयारी कर ली है। पार्टी नेताओं ने आयोग से मुलाकात के लिए 31 दिसंबर का समय मांगा था, जिसे आयोग ने स्वीकृत कर दिया है।
माना जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस आयोग के कामकाज और मतदाता सूची से हटाए गए नामों की सूची से जुड़े मुद्दे मुलाकात के दौरान उठाएगी। इससे पहले भी तृणमूल कांग्रेस के सांसद 28 नवंबर को चुनाव आयोग से मुलाकात कर चुके हैं। इस बार आयोग से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी भी शामिल रहेंगे।
22 जनवरी तक चलेगा दावे-आपत्तियों का दौर
सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस की सक्रियता ऐसे समय बढ़ी है, जब ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया 22 जनवरी तक चलेगी। आयोग ने गणना फार्मों की जांच के बाद करीब एक करोड़ लोगों के दस्तावेजों को संदिग्ध मानते हुए नोटिस जारी किए हैं। इससे पहले ड्राफ्ट सूची से ही 58 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं।
इनमें मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित और दोहरे मतदाता शामिल बताए गए हैं। उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में गणना फार्मों के साथ फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए हाल ही में माइक्रो ऑब्जर्वर की तैनाती के निर्देश दिए हैं। इसके तहत केंद्र सरकार और उससे जुड़े सार्वजनिक उपक्रमों तथा केंद्रीयकृत बैंकों के द्वितीय श्रेणी के कर्मचारियों की ही तैनाती करने के निर्देश जारी किए गए हैं।



