रविवार को पापमोचिनी एकादशी का व्रत, जानें पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त और राहुकाल

नई दिल्ली। 15 मार्च को चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि और रविवार का दिन है। एकादशी तिथि रविवार सुबह 9 बजकर 17 मिनट तक रहेगी। इस दिन सुबह 10 बजकर 26 मिनट तक परिघ योग रहेगा, इसके बाद शिव योग प्रारंभ हो जाएगा। साथ ही श्रवण नक्षत्र पूरे दिन और पूरी रात रहने के बाद सोमवार सुबह 5 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। इस दिन पापमोचनी एकादशी का व्रत किया जाएगा।
पंचांग के अनुसार 15 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 11 मिनट से 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। प्रातः संध्या का समय सुबह 5 बजकर 35 मिनट से 6 बजकर 47 मिनट तक होगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से 1 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 48 मिनट से 3 बजकर 36 मिनट तक होगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 46 मिनट से 7 बजकर 10 मिनट तक रहेगा, जबकि सायं संध्या का समय शाम 6 बजकर 48 मिनट से रात 8 बजे तक रहेगा। अमृत काल शाम 7 बजकर 3 मिनट से 8 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।
राहुकाल का समय शहरों के अनुसार अलग अलग रहेगा। दिल्ली में राहुकाल शाम 5 बजे से 6 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। मुंबई में शाम 5 बजकर 18 मिनट से 6 बजकर 48 मिनट तक, चंडीगढ़ में शाम 5 बजकर 1 मिनट से 6 बजकर 31 मिनट तक और लखनऊ में शाम 4 बजकर 45 मिनट से 6 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। भोपाल में राहुकाल शाम 4 बजकर 59 मिनट से 6 बजकर 29 मिनट तक, कोलकाता में शाम 4 बजकर 16 मिनट से 5 बजकर 46 मिनट तक, अहमदाबाद में शाम 5 बजकर 18 मिनट से 6 बजकर 48 मिनट तक और चेन्नई में शाम 4 बजकर 49 मिनट से 6 बजकर 19 मिनट तक रहेगा।
इस दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 29 मिनट पर होगा।
पापमोचनी एकादशी का व्रत हर वर्ष चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि विधान से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत को करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख समृद्धि का वास होता है। पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च को रखा जाएगा और इसका पारण 16 मार्च 2026 को किया जाएगा।



