विधानसभा में गूंजा जल जीवन मिशन का मुद्दा, मंत्री बोले- खराब काम की जानकारी दें, हम एक्शन लेंगे

रायपुर। विधानसभा में जल जीवन मिशन और गिग वर्करों से जुड़े श्रम कानून का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। सदन में जनहित से जुड़े इन दोनों विषयों पर सदस्यों ने सरकार से जवाब मांगा।
जल जीवन मिशन पर कांग्रेस विधायक संगीता सिंहा ने सवाल उठाते हुए पूछा कि बालोद विधानसभा क्षेत्र में इस योजना के तहत कितने कार्य पूर्ण हुए हैं। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि जहां गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं हुआ है, वहां क्या कार्रवाई की जाएगी।
इस पर जवाब देते हुए मंत्री अरुण साव ने कहा कि जहां भी गुणवत्ताहीन कार्य हुआ है, उसकी जानकारी उपलब्ध करा दी जाए। सरकार ऐसे मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
सदन में गिग वर्करों के श्रम कानून का मुद्दा भी गूंजा। विधायक अजय चंद्राकर ने राज्य में पंजीकृत कंपनियों की जानकारी मांगी और गिग वर्करों की स्थिति पर प्रश्न उठाया।
मामले में विभागीय मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि छत्तीसगढ़ में एक भी कंपनी पंजीकृत नहीं है। पंजीयन नहीं होने के कारण राज्य में गिग वर्करों की संख्या का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि कंपनियों को कार्य करने के लिए किसी प्रक्रिया की अनुमति नहीं दी गई है।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि गिग वर्करों की शैक्षणिक योग्यता, वेतन और कार्य अवधि को लेकर कोई निर्धारित प्रावधान नहीं है। हालांकि, भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा सुरक्षा संबंधी प्रावधान किए जा रहे हैं। प्लेटफॉर्म वर्करों के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा मंडल के गठन का भी प्रावधान किया गया है।



