बिरहोर के भाई की प्रेरक कहानी अब किताब में: सीएम साय ने किया ‘बिरहोर जननायक’ का विमोचन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एक विशेष पुस्तक “बिरहोर जननायक” का विमोचन किया। यह पुस्तक पद्मश्री जागेश्वर यादव के संघर्षपूर्ण जीवन और समाज सेवा पर आधारित है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लेखक डॉ. लोकेश पटेल को इस सराहनीय कार्य के लिए बधाई दी।
कौन हैं जागेश्वर यादव?
जशपुर जिले के रहने वाले जागेश्वर यादव को पूरा इलाका ‘बिरहोर के भाई’ के नाम से जानता है। उन्होंने अपना पूरा जीवन पिछड़े बिरहोर आदिवासी समाज की बेहतरी और उनके उत्थान के लिए समर्पित कर दिया है। समाज के प्रति उनकी इसी अटूट सेवा के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा गया है।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
विमोचन के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जागेश्वर यादव का जीवन सेवा और संवेदनशीलता का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा, “यह पुस्तक केवल एक जीवनी नहीं, बल्कि समाज सेवा की एक प्रेरक यात्रा है। यह नई पीढ़ी को सिखाएगी कि कैसे एक व्यक्ति अपने दृढ़ संकल्प से पूरे समाज की तस्वीर बदल सकता है।”
लेखक का नज़रिया
पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने बताया कि वह जागेश्वर यादव के मानवीय दृष्टिकोण और आदिम जनजातियों के लिए किए गए उनके कामों से बेहद प्रभावित थे। इसी प्रेरणा ने उन्हें इस किताब को लिखने के लिए प्रेरित किया, ताकि उनकी कहानी घर-घर तक पहुँच सके।
समाज को मिलेगी नई दिशा
इंट्रो और बैकग्राउंड: छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में निस्वार्थ भाव से काम करने वाले नायकों की कहानियाँ अक्सर फाइलों में दबी रह जाती हैं। जागेश्वर यादव जैसे व्यक्तित्व पर केंद्रित यह पुस्तक उन अनकहे संघर्षों को सामने लाती है।



