अब पीक ऑवर्स में भी नहीं बढ़ेगा किराया, दिल्ली में शुरू हुई देश की पहली को-ऑपरेटिव टैक्सी सर्विस

नई दिल्ली। देश में आज से भारत टैक्सी नामक नई को-ऑपरेटिव टैक्सी सेवा का शुभारंभ हुआ है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में इस सेवा को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया। यह पहल सहकारिता से समृद्धि के विज़न से प्रेरित है और सीधे तौर पर ओला और उबर जैसी प्राइवेट कैब सेवाओं को चुनौती देगी।
किफायती और सुरक्षित राइड्स की पेशकश
सरकार का दावा है कि भारत टैक्सी न केवल यात्रियों को किफायती और सुरक्षित राइड्स प्रदान करेगी, बल्कि इससे जुड़ने वाले कैब ड्राइवर्स (सारथी) को भी लाभ मिलेगा। इस सेवा के तहत ड्राइवर्स के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा, जिससे उनके लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
चार लाख से ज्यादा ड्राइवर्स जुड़े
भारत टैक्सी को ड्राइवर-सेंट्रिक राइड-हेलिंग सर्विस के रूप में डिज़ाइन किया गया है। अब तक इस प्लेटफार्म से चार लाख से ज्यादा ड्राइवर्स जुड़ चुके हैं और उनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। इसका पायलट प्रोजेक्ट नवंबर 2025 से दिल्ली-एनसीआर में चल रहा था और तब से ही यात्रियों को सेवाएं मिल रही हैं।
ड्राइवर्स के लिए 10 लाख का इंश्योरेंस
भारत टैक्सी के ड्राइवर्स को 5 लाख रुपए का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख रुपए का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा, जिससे न केवल ड्राइवर्स की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उनके परिवारों की भी चिंता कम होगी। इसके अलावा, सारथियों को स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, रिटायरमेंट सेविंग्स और डेडिकेटेड ड्राइवर असिस्ट सिस्टम जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
यात्रियों के लिए किफायती किराया और नो सर्ज प्राइसिंग
भारत टैक्सी में यात्रियों के लिए बाइक, ऑटो और कार ऑप्शन उपलब्ध हैं। किराया बाजार दर से 30 प्रतिशत तक सस्ता होगा और इसमें नो सर्ज प्राइसिंग का नियम लागू किया गया है, यानी बारिश, ट्रैफिक या ज्यादा मांग के दौरान भी अतिरिक्त किराया नहीं लिया जाएगा। किराया पहले से तय और पूरी तरह पारदर्शी होगा, जिससे यात्रियों को किफायती और भरोसेमंद यात्रा अनुभव मिलेगा।
समाज के लिए सहकारी मॉडल का लाभ
भारत टैक्सी को एक सहकारी मॉडल पर आधारित सेवा के रूप में लॉन्च किया गया है, जो ड्राइवर्स और यात्रियों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा। इस सेवा का उद्देश्य आम लोगों के लिए परिवहन सेवाओं को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है।



