छत्तीसगढ़ विधानसभा में 35 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पारित, राज्य का अब तक का सबसे बड़ा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शुक्रवार को 35 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया, जो राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट है। इसमें 1,937 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय तथा 33,063 करोड़ रुपये राजस्व व्यय शामिल हैं। सदन में चर्चा के बाद अनुपूरक बजट सर्वसम्मति से पारित हो गया। इससे वर्ष 2025-26 का कुल बजट 2 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 संकल्प के अनुरूप तैयार छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 विजन दस्तावेज को साकार करने की दिशा में यह अनुपूरक बजट मजबूत कदम है। सरकार सुशासन, पारदर्शिता एवं जनकल्याण के संकल्प से जनता की अपेक्षाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी।
बजट चर्चा में सत्ता एवं विपक्ष के सदस्यों अजय चंद्राकर, राघवेंद्र सिंह, उमेश पटेल, धर्मजीत सिंह, रामकुमार यादव, भावना बोहरा, लता उसेंडी, धरमलाल कौशिक, संगीता सिन्हा, कुंवर निषाद, नीलकंठ टेकाम एवं द्वारिका यादव ने भाग लिया।
अनुपूरक बजट में कृषि एवं किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। कृषक उन्नति योजना हेतु 2,000 करोड़, 5 एचपी तक पंपों के लिए मुफ्त बिजली हेतु 1,700 करोड़, बिना ब्याज अल्पकालीन कृषि ऋण हेतु 187 करोड़, प्रधानमंत्री फसल बीमा हेतु 122 करोड़ तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हेतु 35 करोड़ का प्रावधान किया गया।
खाद्य सुरक्षा हेतु पिछली सरकार के बकाया निपटान के लिए मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना में 6,800 करोड़ एवं मार्कफेड को धान खरीदी हानि निपटान हेतु 12,424 करोड़, कुल 19,224 करोड़ का प्रावधान है। महतारी वंदन योजना हेतु मुख्य बजट के 5,500 करोड़ के अतिरिक्त 2,500 करोड़ रखे गए, जिससे 70 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं।
नक्सल प्रभावित जिलों के विकास हेतु 452 करोड़, पुलिस आधुनिकीकरण हेतु 117 करोड़ एवं फॉरेंसिक अधोसंरचना हेतु 22 करोड़ का प्रावधान है। ग्रामीण विकास हेतु 1,000 करोड़, औद्योगिक विकास हेतु 360 करोड़ तथा नगरीय विकास, खेल, परिवहन, अग्निशमन एवं हवाई कनेक्टिविटी विस्तार से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं।



