वायु सेना की बढ़ेगी ताकत: रक्षा मंत्रालय खरीदेगा 1000 किलो के 600 स्वदेशी हवाई बम, दुश्मन के ठिकानों को करेंगे नेस्तनाबूद

नई दिल्ली। हाल के वेस्ट एशिया संघर्ष और ऑपरेशन सिंदूर से मिली सीख के बाद भारत ने अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना को मजबूत बनाने के लिए स्वदेशी 1000 किलो के हवाई बम खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ये बम अमेरिकी एमके 84 श्रेणी के बमों के समान होंगे, जो लगभग 907 किलो विस्फोटक ले जाने में सक्षम होते हैं। ऐसे बम दुश्मन के बड़े ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाने में सक्षम माने जाते हैं। अब भारत इन्हें स्वदेश में विकसित करेगा, जिससे विदेशी निर्भरता कम होगी।
रक्षा मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी किया है। इसके तहत कुल 600 बम तैयार किए जाएंगे। इनके साथ टेल यूनिट और अन्य जरूरी उपकरण भी विकसित किए जाएंगे। यह परियोजना बाय इंडियन श्रेणी के तहत लागू होगी, जिससे घरेलू कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा।
इन बमों की खासियत यह है कि विस्फोट के दौरान ये टुकड़ों में बंटकर व्यापक प्रभाव डालते हैं। इन्हें भारतीय वायु सेना के रूसी और पश्चिमी दोनों तरह के विमानों में इस्तेमाल किया जा सकेगा। ये बम दुश्मन के ठिकानों, रनवे, पुल और गोदामों को निशाना बनाने में सक्षम होंगे।
परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में छह प्रोटोटाइप तैयार किए जाएंगे, जिनमें विस्फोटक और बिना विस्फोटक दोनों प्रकार शामिल होंगे। इसके बाद परीक्षण और तकनीकी मूल्यांकन किया जाएगा। पहले चरण में कम से कम 50 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का उपयोग अनिवार्य होगा।
दूसरे चरण में योग्य कंपनियों को प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे और कुल 600 बमों की खरीद की जाएगी। यह प्रक्रिया रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 के तहत पूरी की जाएगी, जिसमें स्वदेशीकरण को प्राथमिकता दी जाती है।
पूरे प्रोजेक्ट को पूरा होने में करीब ढाई साल का समय लगने की संभावना है। इस दौरान प्रोटोटाइप निर्माण, परीक्षण, मूल्यांकन और अनुबंध प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस पहल से भारतीय वायु सेना की मारक क्षमता में बड़ा इजाफा होगा और देश की रक्षा व्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही, घरेलू रक्षा उद्योग को भी इससे नई दिशा मिलेगी।



