महाराणा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज में मोर मयारू गुरुजी कार्यक्रम का सफल आयोजन

रायपुर। महाराणा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज के विशेष अनुरोध पर आज छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा मोर मयारू गुरुजी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक कॉलेज परिसर में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा रहीं। उन्होंने अपने उद्बोधन में इस बात पर बल दिया कि बच्चों को सही दिशा प्रदान करना और उनका उत्तम चरित्र निर्माण करना एक शिक्षक का प्राथमिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस कार्य को एक पवित्र यज्ञ मानकर करना चाहिए, क्योंकि राष्ट्र का भविष्य शिक्षकों द्वारा गढ़े गए बच्चों के चरित्र पर ही टिका होता है।
इस अवसर पर आयोग के सचिव श्री प्रतीक खरे ने उपस्थित प्रतिभागियों को बच्चों के अधिकारों के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की भूमिका बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण है। विभिन्न गतिविधियों, फिल्मों, पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन, रोचक कहानियों और संवाद सत्र के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चे अपनी सीख का 80 प्रतिशत हिस्सा अवलोकन से और केवल 20 प्रतिशत हिस्सा पढ़ने या सुनने से प्राप्त करते हैं। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों का व्यवहार बच्चों के सामने अनुकरणीय होना चाहिए।
कार्यक्रम में कॉलेज की प्राचार्य डॉ. जास्मिन जोशी, उपप्राचार्य डॉ. श्वेता तिवारी, शिक्षा संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ. रुचि सरकार सहित समस्त फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे। साथ ही बी.एड. और डी.एड. पाठ्यक्रम के लगभग 125 छात्र-छात्राओं ने भी अपनी सहभागिता दर्ज की।
समापन सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और रोचक बताते हुए अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस सार्थक आयोजन के लिए कॉलेज प्रबंधन का आभार जताया। वहीं, महाराणा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज परिवार ने डॉ. वर्णिका शर्मा के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया कि उन्होंने अपने व्यस्त समय में से अवसर निकालकर इस कार्यक्रम को सफल बनाया।



