लापरवाही पर सख्ती, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अम्बुलकर निलंबित

दुर्ग। दुर्ग संभाग के आयुक्त सत्यनारायण राठौर ने प्रशासनिक अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी डॉ. चन्द्रशेखर अम्बुलकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत की गई है।
डॉ. अम्बुलकर पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ एवं विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारी, मोहला के पद पर पदस्थ थे। जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, जिला राजनांदगांव कार्यालय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई कलेक्टर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। प्रतिवेदन में डॉ. अम्बुलकर पर शासकीय कार्यों में घोर लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता बरतने के आरोप लगाए गए थे।
जांच में पाया गया कि वे जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में नियमित रूप से अनुपस्थित रहते थे और विभाग से संबंधित अद्यतन जानकारी देने में भी असमर्थ थे। इससे शासकीय कार्यों के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। विभागीय समन्वय और रिपोर्टिंग में भी गंभीर कमी पाई गई।
आकस्मिक निरीक्षण के दौरान वे बिना पूर्व सूचना के मुख्यालय से अनुपस्थित मिले। मोबाइल लोकेशन के आधार पर उनके महाराष्ट्र राज्य में होने की जानकारी सामने आई। बिना अनुमति मुख्यालय से बाहर रहना प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन माना गया है।
इसके अलावा धान उपार्जन केंद्र भोजटोला में नोडल अधिकारी के रूप में उनकी ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन वहां भी उन्होंने उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। शासकीय योजनाओं से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देशों की लगातार अवहेलना किए जाने की बात भी जांच में सामने आई।
कारण बताओ सूचना का उनका जवाब भी संतोषजनक नहीं पाया गया। इन सभी तथ्यों को कर्तव्य निर्वहन में गंभीर कदाचार मानते हुए आयुक्त ने निलंबन की कार्रवाई की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।



