छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण पूरा, 23 दिसंबर को प्रारूप मतदाता सूची होगी जारी

रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर छत्तीसगढ़ सहित देश के 12 राज्यों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य किया जा रहा है। अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर संचालित इस प्रक्रिया के तहत गणना चरण 4 नवंबर से 18 दिसंबर 2025 तक सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इसके बाद प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 23 दिसंबर 2025 को किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के आदेश दिनांक 27 अक्टूबर 2025 के तहत यह प्रक्रिया प्रारंभ की गई। 28 अक्टूबर को सभी प्रमुख मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया, नियमों और महत्वपूर्ण तिथियों की जानकारी दी गई तथा सहयोग की अपील की गई। इसके बाद जिला और विधानसभा स्तर पर भी जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा राजनीतिक दलों के साथ बैठकें आयोजित की गईं। कार्यक्रम प्राप्त होते ही इससे जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
निर्वाचक सूची में 27 अक्टूबर 2025 तक दर्ज 2 करोड़ 12 लाख से अधिक मतदाताओं के प्री-फिल्ड गणना प्रपत्र छपवाकर बीएलओ के माध्यम से घर-घर सर्वे के दौरान वितरित किए गए। इस अभियान में 33 जिला निर्वाचन पदाधिकारी, 90 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 377 सहायक ईआरओ, 734 अतिरिक्त सहायक ईआरओ, 24,371 बीएलओ और वॉलंटियर्स की सक्रिय भागीदारी रही। मीडिया, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी सहयोग किया।
हाउस-टू-हाउस सर्वे के दौरान मृत, स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की पहचान कर उनकी सूची राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा की गई। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा 38,846 से अधिक बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए गए। प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलओ और बीएलए की बैठकें आयोजित कर उन मतदाताओं की सूची साझा की गई, जिनसे गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हो सके, ताकि किसी भी स्तर पर भ्रम की स्थिति न रहे। साथ ही सभी से मतदाताओं को गणना प्रपत्र जमा करने के लिए प्रेरित करने का अनुरोध किया गया।
बीएलओ-बीएलए बैठकों की कार्यवाही और अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत मतदाताओं की सूची सभी जिलों की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की जा रही है। यह सूची सर्चेबल होगी, जिससे कोई भी व्यक्ति आसानी से नाम की जांच कर सकेगा। निर्वाचन विभाग के अनुसार, व्यापक प्रचार-प्रसार और निरंतर सर्वे के बावजूद जिन मतदाताओं से फॉर्म प्राप्त नहीं हो सके, उसके संभावित कारण यह हो सकते हैं कि वे अन्य राज्यों में मतदाता बन गए हों, अस्तित्व में न हों, 18 दिसंबर 2025 तक फॉर्म जमा न किया हो या मतदाता पंजीकरण में रुचि न रखते हों।
अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 मानते हुए 23 दिसंबर 2025 को प्रारूप निर्वाचक सूची का प्रकाशन किया जाएगा। यह सूची मतदान केंद्रों सहित सभी निर्धारित स्थलों और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। सभी जिलों द्वारा प्रारूप सूची की दो प्रतियां, एक फोटो सहित मुद्रित प्रति और एक फोटो रहित सॉफ्ट प्रति, सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही जिन मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए, उनकी सूची भी प्रदान की जाएगी।
राजनीतिक दलों से अपील की गई है कि वे इन सूचियों का सूक्ष्म अवलोकन करते हुए 23 दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 तक की अवधि में विहित प्रक्रिया के अनुसार दावा और आपत्ति दर्ज कराने में निर्वाचकों को सहयोग करें।
प्रारूप सूची पर 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज की जा सकेगी। मतदाता वोटर पोर्टल, ईसीआईनेट मोबाइल ऐप या अपने क्षेत्र के बीएलओ के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।



