छत्तीसगढ़ में बाल विवाह के खिलाफ विशेष अभियान: अक्षय तृतीया पर आयोग ने कसी कमर, स्थानीय नवाचारों पर जोर

रायपुर। आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की संभावित घटनाओं को रोकने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने तैयारी तेज कर दी है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का आयोजन किया गया, जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला अधिकारियों और बाल संरक्षण अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में जिलों में की गई तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ जागरूकता के लिए अपनाए जा रहे स्थानीय नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की गई।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने सभी जिलों को निर्देश दिए कि बाल विवाह रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई दल गठित कर उन्हें सक्रिय किया जाए। उन्होंने पंचायतों और नगरीय निकायों में मुनादी कराने, प्रचार-प्रसार की रणनीति तैयार करने और बैठकों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। विशेष रूप से 14 अप्रैल को होने वाली विशेष ग्राम सभाओं में बाल विवाह प्रतिषेध के विषय को अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पंचायत स्तर पर सक्रियता बनी रहे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में हो रहे नवाचारों की सराहना की गई। कांकेर जिले के मेरी आवाज सुनो अभियान के माध्यम से 17-18 वर्ष की बालिकाएं अपनी समस्याओं को खुलकर रख रही हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ रहा है। बीजापुर में बीजा दूतिन पहल के जरिए किशोर-किशोरी स्वयंसेवकों द्वारा बाल विवाह रोकने के लिए जागरूकता फैलाई जा रही है। सुकमा में गोंडी और जशपुर में सादरी व कुड़ुख जैसी स्थानीय भाषाओं में प्रचार की पहल को डॉ. शर्मा ने सराहा और अन्य जिलों को भी स्थानीयता का पुट शामिल करने का सुझाव दिया।
बैठक में सूरजपुर जिले में बाल विवाह के मामलों में क्रमिक कमी आने और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय की बालिका द्वारा स्वयं अपना विवाह रुकवाने की पहल पर संतोष व्यक्त किया गया। अधिकारियों ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों को सरल भाषा में प्रचारित करने का अनुरोध किया, जिस पर आयोग ने सहमति जताई। अंत में डॉ. शर्मा ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 का व्यापक प्रचार करने और समाज में इस कुरीति के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का परामर्श दिया।




