फिल्म नहीं नफरत का औजार है ‘द केरला स्टोरी 2’, शशि थरूर ने तथ्यों को लेकर मेकर्स को घेरा

नई दिल्ली। आगामी फिल्म द केरला स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड की रिलीज से पहले विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने फिल्म निर्माताओं पर समाज में नफरत फैलाने और विभाजनकारी कहानी प्रस्तुत करने का आरोप लगाया है। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने पहली फिल्म द केरला स्टोरी को भी तथ्यों से परे बताया।
थरूर ने कहा कि फिल्म में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के दावे वास्तविकता से दूर हैं और आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। उनका कहना है कि हजारों लोगों के धर्मांतरण की बात गलत है और वर्षों में ऐसे बहुत कम मामले सामने आए हैं। उन्होंने सिनेमा के बदलते स्वरूप पर चिंता जताते हुए पुरानी फिल्म अमर अकबर एंथनी का उदाहरण दिया, जिसे उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बताया।
फिल्म का पक्ष और रिलीज
फिल्म 27 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज प्रस्तावित है। ट्रेलर में राजस्थान, मध्य प्रदेश और केरल की पृष्ठभूमि पर धर्मांतरण और कट्टरपंथ जैसे विषय दिखाए गए हैं। निर्माताओं का दावा है कि फिल्म लक्षित कट्टरपंथ की सच्चाई सामने लाती है और समाज को जागरूक करने का प्रयास है।
कानूनी और राजनीतिक प्रतिक्रिया
फिल्म के ट्रेलर और केरल के चित्रण को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। अदालत ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, सेंसर बोर्ड और निर्माताओं को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को होगी। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी फिल्म की आलोचना करते हुए इसे समाज में वैमनस्य बढ़ाने वाला बताया और लोगों से इसके विरोध में एकजुट होने की अपील की।



