सथानकुलम कस्टडी डेथ मामला: इंस्पेक्टर समेत नौ पुलिसकर्मियों को दोहरी मौत की सजा

मदुरै। तमिलनाडु के बहुचर्चित सथानकुलम हिरासत मौत मामले में मदुरै की प्रथम अतिरिक्त जिला अदालत ने सोमवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायाधीश मुथुकुमारन ने मुख्य आरोपी इंस्पेक्टर श्रीधर सहित सभी नौ दोषी पुलिसकर्मियों को दोहरी मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने इसे दुर्लभतम से दुर्लभ मामला मानते हुए दोषियों पर भारी जुर्माना भी लगाया है।
जून 2020 में थूथुकुडी जिले के सथानकुलम थाने में पी. जयराज और उनके बेटे बेनिक्स की पुलिस हिरासत में बर्बर पिटाई के बाद मौत हो गई थी। इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी, जिसने न्यायालय में 2,427 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने सभी नौ पुलिस अधिकारियों को हत्या का दोषी पाया। न्यायाधीश ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाले इस अपराध के लिए केवल आजीवन कारावास पर्याप्त नहीं है।
सजा सुनाते हुए न्यायाधीश मुथुकुमारन ने कहा कि शिक्षित पुलिस अधिकारियों द्वारा निहत्थे नागरिकों को पूरी रात प्रताड़ित करना एक गंभीर अपराध है। अदालत ने दोषियों की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें परिवार की निर्भरता के आधार पर सजा कम करने की मांग की गई थी। न्यायाधीश ने कहा कि सरकारी वेतन प्राप्त करने वाले अधिकारी अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग कर मानसिक तनाव या आर्थिक तंगी का बहाना नहीं बना सकते।
अदालत ने दोषियों को कुल 1.40 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। मुख्य आरोपी इंस्पेक्टर श्रीधर पर 15 लाख रुपये का पृथक जुर्माना लगाया गया है। फैसले में इस बात पर जोर दिया गया है कि भविष्य में हिरासत में प्रताड़ना जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी सजा देना अनिवार्य है। तमिलनाडु सरकार ने भी इस मामले में दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी। इस फैसले को पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और मानवाधिकारों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।




