सक्षम आंगनबाड़ी योजना: केंद्र के नियमों और वित्तीय अनुशासन के तहत हो रही खरीदी, विभाग ने दी स्पष्टता

रायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग ने सक्षम आंगनबाड़ी योजना के तहत आंगनबाड़ियों में आरओ और एलईडी टीवी की खरीदी को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि योजना से संबंधित सभी प्रक्रियाएं केंद्र सरकार के प्रावधानों और राज्य सरकार के वित्तीय नियमों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही हैं। विभाग ने खरीदी को लेकर उपजे भ्रम को निराधार बताते हुए कहा कि इसमें वित्तीय अनुशासन का पूरा ध्यान रखा गया है।
विभाग ने उन चर्चाओं का भी खंडन किया जिनमें कहा गया था कि पिछले दो वर्षों से बजट उपलब्ध होने के बावजूद उपयोग नहीं किया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह केंद्र प्रवर्तित योजना है और भारत सरकार से 10 फरवरी 2026 को मदर सैंक्शन प्राप्त होने के बाद ही प्रक्रिया शुरू की जा सकती थी। नियमतः अनुमति मिलने से पहले टेंडर जारी करना संभव नहीं था।
निर्धारित दर और तकनीकी मानक
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, विभिन्न उपकरणों और कार्यों के लिए राशि भारत सरकार द्वारा ही तय की गई है। इसके तहत एलईडी टीवी के लिए 25 हजार रुपये, आरओ प्यूरीफायर के लिए 10 हजार रुपये, वाल पेंटिंग के लिए 10 हजार रुपये और रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए 16 हजार रुपये की राशि निर्धारित है। तकनीकी मानकों के अनुसार, न्यूनतम 32 इंच या उससे अधिक के एलईडी टीवी का प्रावधान है और पूरी खरीदी जेम पोर्टल के माध्यम से की जानी है।
नियमों का पालन और पारदर्शिता
विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ियों के उन्नयन से जुड़े सभी कार्य छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम, कोषालय संहिता, वित्तीय संहिता और एसएनए स्पर्श प्रणाली के तहत किए जा रहे हैं। शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि आंगनबाड़ी केंद्रों का बेहतर कायाकल्प हो सके और बच्चों व महिलाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।



