विधानसभा में गूंजा सहारा निवेश का मुद्दा: जयवर्धन सिंह ने रिकवरी को बताया महज 5 प्रतिशत, एफआईआर पेंडिंग होने पर उठाए सवाल

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में सहारा समूह में निवेश से जुड़ा मामला उठाया गया। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार प्रदेश के निवेशकों के 6 हजार 689 करोड़ रुपये सहारा में फंसे थे, जिनमें से अब तक 355 करोड़ रुपये की राशि लौटाई गई है। विपक्ष ने इसे कुल राशि का करीब पांच प्रतिशत बताया है।
बुधवार को बजट सत्र के आठवें दिन पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने इस संबंध में सवाल उठाया। जवाब में राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि इस मामले में चार एफआईआर दर्ज की गई हैं। इस पर जयवर्धन सिंह ने कहा कि पिछले छह वर्षों में कुल 123 एफआईआर दर्ज हुई हैं और कई प्रकरण लंबित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह विभाग के पास पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि सहारा में बड़ी संख्या में छोटे निवेशकों ने धन निवेश किया था। इस संबंध में उच्च न्यायालय में रिट याचिकाएं भी दायर की गई हैं। उन्होंने कहा कि सभी एफआईआर मुरैना में दर्ज की गई हैं और मुख्य प्रकरण के साथ जोड़ी गई हैं। मंत्री ने बताया कि प्रदेश की कुल 6,689 करोड़ रुपये की राशि में से 355 करोड़ रुपये निवेशकों को वितरित किए जा चुके हैं।
इस पर कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि अब तक केवल पांच प्रतिशत राशि की ही रिकवरी हो सकी है। उन्होंने सरकार से पूछा कि शेष राशि की वसूली के लिए क्या योजना है। मंत्री ने जवाब में कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह मामला न्यायालय से जुड़ा हुआ है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में ही सभी निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन न्यायालय के आदेशों के अनुसार ही कार्रवाई कर रहा है।



