पूर्णिया सांसद पप्पू यादव बेऊर जेल से रिहा, हत्या की साजिश और हत्याकांडों को लेकर किए बड़े खुलासे

पटना। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव शुक्रवार शाम पटना की बेऊर जेल से रिहा हो गए। जेल से बाहर आते ही उन्होंने अपनी जान को खतरे में होने का दावा किया और बिहार के चर्चित हत्याकांडों को लेकर कई बड़े खुलासे किए।
“मेरी हत्या की साजिश रची गई”
जेल से बाहर आने के बाद पप्पू यादव ने प्रशासन और सत्ता पक्ष पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ एक बड़ी हत्या की साजिश रची गई थी। पप्पू यादव ने यह भी कहा कि सच बोलने की कीमत इतनी बड़ी होगी, इसका उन्हें अंदाजा नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस साजिश में दिल्ली, बिहार और पूर्णिया के तीन बड़े नेताओं का हाथ है।
खेमका और रूपेश हत्याकांड में नया मोड़
पप्पू यादव ने खेमका हत्याकांड में हुए एनकाउंटर को ‘फर्जी’ करार दिया। उन्होंने दावा किया कि उनके पास पुख्ता गवाही है कि एक मासूम बच्चे को शाम 4 बजे निकालकर गोली मारी गई। इसके अलावा, उन्होंने रूपेश सिंह हत्याकांड की फाइल को दोबारा खुलवाने और दोषियों को बेनकाब करने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही।
पीड़ित छात्रा के परिवार को न्याय का भरोसा
जेल से रिहा होने के बाद पप्पू यादव सीधे फुलवारीशरीफ पहुंचे, जहां उन्होंने मृत छात्रा पिंकी कुमारी के परिजनों से मुलाकात की। पप्पू यादव ने छात्रा की मौत को हत्या बताते हुए परिवार की परवरिश की जिम्मेदारी ली और मामले में स्पीडी ट्रायल की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि वे NEET छात्रा के हक के लिए लड़ाई लड़ेंगे।
सुरक्षा की मांग और आगामी कार्यक्रम
पप्पू यादव ने अपनी जान पर खतरे को देखते हुए प्रशासन से ‘Y+’ श्रेणी की सुरक्षा, पुलिस एस्कॉर्ट और हाउस गार्ड की मांग की। उन्होंने शनिवार को पटना और दिल्ली में अपने समर्थकों से मुलाकात करने और आगे की रणनीति साझा करने की बात कही।



