गैस किल्लत और कालाबाजारी के बीच शहडोल में सियासत तेज, एजेंसी के बाहर लंबी कतारें

शहडोल। इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत के बाजारों में भी दिखाई देने लगा है। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में रसोई गैस को लेकर अचानक मांग बढ़ने और किल्लत की चर्चाओं के बीच प्रशासन लगातार गैस की पर्याप्त उपलब्धता का दावा कर रहा है, लेकिन जमीनी हालात अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं।
शहडोल और आसपास के क्षेत्रों में गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग सुबह से ही सिलेंडर लेने के लिए पहुंच रहे हैं। इसी बीच बुढ़ार क्षेत्र स्थित ऋचा गैस गोदाम से कथित कालाबाजारी का एक वीडियो सामने आया है, जिसने प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो में गैस एजेंसी का एक कर्मचारी एक व्यक्ति को तय कीमत से अधिक राशि लेकर सिलेंडर देता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि वहां मौजूद एक अन्य उपभोक्ता ने इस घटना को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
उधर, इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। शहडोल पहुंचे राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजार पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर भी देखने को मिल रहा है।
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है और भारत में एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंता जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में तनाव के कारण गैस आपूर्ति पर असर पड़ा है, जबकि भारत घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने की रणनीति पर काम कर रहा है। (Reuters)
स्थानीय स्तर पर अब लोगों की मांग है कि गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर प्रशासन स्पष्ट स्थिति सामने रखे और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करे।



