1993 में नायब तहसीलदार और अब आईएएस; जानें कौन हैं बीरेंद्र पंचभाई जिन्होंने अपनी मेहनत से बदला इतिहास

रायपुर। दिल्ली में हुई डीपीसी में छत्तीसगढ़ के सात राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को आईएएस अवार्ड मिला है। इनमें एक नाम बीरेंद्र पंचभाई का भी शामिल है। पंचभाई राज्य में नायब तहसीलदार कैडर से आईएएस बनने वाले पहले अधिकारी बन गए हैं।
पहली बार हुआ ऐसा
पंचभाई पहले नायब तहसीलदार से प्रमोट होकर राज्य प्रशासनिक सेवा में आए और अब आईएएस बने हैं। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि कोई अधिकारी नायब तहसीलदार रैंक से देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा तक पहुंचा हो। अविभाजित मध्यप्रदेश में भी अब तक केवल एक अधिकारी ही नायब तहसीलदार से आईएएस बना था। सामान्यतः नायब तहसीलदार से चयनित अधिकारी अधिकतम अपर कलेक्टर तक ही पहुंच पाते हैं।
कौन हैं बीरेंद्र पंचभाई
वीरेंद्र बहादुर पंचभाई दुर्ग जिले के निवासी हैं। वर्ष 1993 में उनका चयन आरक्षित वर्ग से नायब तहसीलदार पद पर हुआ था। उन्होंने लंबे समय तक अभनपुर में नायब तहसीलदार और तहसीलदार के रूप में कार्य किया। वर्ष 2010 में वे राज्य प्रशासनिक सेवा में चयनित हुए और रायपुर में लंबे समय तक अपर कलेक्टर रहे। नई सरकार बनने के बाद उनका तबादला नारायणपुर किया गया, जहां वे वर्तमान में अपर कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।



