छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से अमित बघेल को बड़ी राहत, तीन माह की अंतरिम जमानत मंजूर

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के संस्थापक अमित बघेल को एक बड़ी राहत देते हुए तीन माह की अंतरिम जमानत प्रदान की है। यह मामला रायपुर के वीआईपी चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के साथ हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद हुए हंगामे और दर्ज की गई विभिन्न प्राथमिकियों से संबंधित है।
पूरे मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को विस्तार से सुना। सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने अमित बघेल को जमानत देते हुए एक विशेष शर्त भी लागू की है। आदेश के अनुसार, जमानत अवधि के दौरान वे रायपुर जिले की भौगोलिक सीमा के भीतर निवास नहीं कर सकेंगे। हालांकि, संबंधित अधीनस्थ न्यायालय में निर्धारित पेशी की तिथियों पर उन्हें जिले में प्रवेश की अनुमति दी गई है।
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 में रायपुर के वीआईपी चौक पर एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को क्षति पहुंचाई गई थी। इस घटना के विरोध में अमित बघेल और उनके समर्थकों ने मौके पर पहुंचकर भारी विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति भी बनी थी।
प्रदर्शन के दौरान समुदायों के प्रति कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा समेत विभिन्न क्षेत्रों में अमित बघेल के विरुद्ध कुल 14 एफआईआर दर्ज की गई थीं। इनमें तेलीबांधा, कोतवाली और देवेंद्र नगर थाना क्षेत्रों में दर्ज मामले शामिल हैं। उच्च न्यायालय में अमित बघेल की ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने पैरवी की, जबकि राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने पक्ष रखा। फिलहाल न्यायालय के इस आदेश के बाद उन्हें अस्थायी रूप से राहत मिल गई है।



