छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा आदेश: पटवारी से आरआई पदोन्नति मामले में राज्य शासन को नोटिस

बिलासपुर। पटवारियों को राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति देने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने राज्य शासन को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन पर 60 दिनों के भीतर विधि अनुसार निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही याचिकाकर्ताओं को सक्षम अधिकारी के समक्ष 15 दिनों के भीतर अभ्यावेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य शासन और राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र कर्मचारियों के मामलों पर नियमानुसार विचार कर निर्णय लिया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति से वंचित पटवारियों के दावों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
याचिकाकर्ता पटवारियों ने अपने अधिवक्ता अनुकूल विश्वास के माध्यम से याचिका दायर कर बताया कि वे 25 वर्षों से अधिक समय से सेवा दे रहे हैं। उन्हें विभाग द्वारा राजस्व निरीक्षक प्रशिक्षण सूची में शामिल किया गया, लेकिन इसके बावजूद पदोन्नति नहीं दी गई। आरोप है कि उनकी वरिष्ठता को नजरअंदाज करते हुए कनिष्ठ पटवारियों को पदोन्नति दे दी गई, जो निर्धारित नियमों का उल्लंघन है।
अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि भर्ती प्रक्रिया में 50 प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाने का प्रावधान है, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है। साथ ही पदोन्नति नियम 6(2) का भी उल्लंघन किया जा रहा है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता पदोन्नति के लिए आवश्यक योग्यता पूरी करते हैं और उन्हें पदोन्नति न देने का कोई ठोस कारण रिकॉर्ड में नहीं है।
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह मामले के गुण-दोष पर अंतिम टिप्पणी नहीं कर रहा है। सक्षम प्राधिकारी को नियमों के तहत स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।



