छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग की बड़ी बैठक, टैक्स न भरने वाली गाड़ियों पर कसा शिकंजा, अफसरों को मुख्यालय में रहने के आदेश

छत्तीसगढ़ के परिवहन विभाग ने राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और टैक्स चोरी रोकने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक की है। रायपुर में हुई इस संयुक्त समीक्षा बैठक में परिवहन विभाग के सचिव और कमिश्नर एस प्रकाश ने अधिकारियों को कई कड़े निर्देश दिए हैं। अब राज्य के किसी भी जिले के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी यानी आरटीओ और जिला परिवहन अधिकारी यानी डीटीओ बिना अनुमति के अपना मेन ऑफिस यानी मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। उन्हें हर हाल में अपने दफ्तर में मौजूद रहकर जनता की समस्याओं का निपटारा करना होगा।
टैक्स बकाया होने पर सीज होंगी गाड़ियां, शुरू होगा विशेष अभियान
बैठक में राज्य के सभी जिलों में गाड़ियों पर बाकी टैक्स यानी बकाया राजस्व की बारीकी से जांच की गई। परिवहन कमिश्नर ने साफ कहा है कि जिन गाड़ी मालिकों ने लंबे समय से अपना रोड टैक्स नहीं भरा है, उनके खिलाफ अब एक बड़ा चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए बकायदा उड़नदस्ता यानी फ्लाइंग स्क्वॉड और बार्डर पर बनी जांच चौकियों को डिफॉल्टर्स यानी टैक्स न चुकाने वाले वाहन मालिकों की एक पूरी लिस्ट सौंपी जा रही है। ऐसी गाड़ियों को सड़क पर चलते ही तुरंत जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
परमिट लेकर बस न चलाने वालों पर गिरेगी गाज, लाइसेंस टेस्ट के नियम कड़े
परिवहन विभाग अब उन बस ऑपरेटरों के खिलाफ भी सख्त एक्शन लेने जा रहा है, जो रूट का परमिट तो ले लेते हैं लेकिन बसें नहीं चलाते हैं। ऐसे लोगों के परमिट तुरंत रद्द किए जाएंगे ताकि नए बेरोजगार युवाओं को काम करने का मौका मिल सके। इसके साथ ही बसों के टाइम टेबल से छेड़छाड़ करने वालों पर भी नजर रखी जाएगी। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले आम लोगों के लिए भी एक बड़ा फैसला हुआ है। अब ड्राइविंग टेस्ट केवल आरटीओ ऑफिस के अंदर ही और तय अधिकारी के सामने देना होगा। किसी भी प्राइवेट जगह पर टेस्ट मान्य नहीं होगा।
हादसों के घायलों को तुरंत मिलेगी मदद, ई-चालान की प्रक्रिया हुई आसान
सड़क हादसों में घायल होने वाले लोगों की जान बचाने के लिए सरकार प्रधानमंत्री राहत योजना को पूरी तरह जमीन पर उतारने जा रही है। किसी भी एक्सीडेंट के बाद आरटीओ खुद मौके पर जाकर जांच करेंगे और अस्पतालों व थानों में इस योजना का बोर्ड लगाया जाएगा ताकि लोगों को मदद मिल सके। इसके साथ ही जो चालान ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान प्रणाली यानी एएनपीआर कैमरों के जरिए कट रहे हैं, उनके भुगतान के लिए आरटीओ दफ्तर में अलग से खिड़की बनाई जाएगी। अगर किसी का गलत चालान कट गया है, तो वह अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है, जांच के बाद गलत चालान को तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा।



