कोरबा : दीपका खदान में ब्लास्टिंग के दौरान उड़े पत्थर से ग्रामीण की मौत, भूविस्थापित समिति ने की हत्या करार

कोरबा। एसईसीएल की दीपका कोयला खदान के सुआभोड़ी फेस पर बुधवार दोपहर हुई हेवी ब्लास्टिंग के दौरान उड़े पत्थर की चपेट में आने से ग्राम रेकी निवासी लखन पटेल की मौके पर मौत हो गई। अमानक ब्लास्टिंग के कारण हुई इस घटना से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है और एसईसीएल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ब्लास्टिंग से पहले न तो निर्धारित सेफ्टी जोन बनाया गया और न ही खदान के निकट सार्वजनिक सड़क पर आवागमन रोका गया। इसी दौरान सड़क से गुजर रहे लखन पटेल पर बड़ा पत्थर गिरने से उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा मानकों का पालन होता तो यह हादसा टाला जा सकता था। घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी हुई।
ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने घटना को सुनियोजित हत्या करार दिया। उन्होंने कहा कि रिहायशी क्षेत्रों एवं सार्वजनिक मार्गों के पास बिना घेराबंदी एवं चेतावनी के ब्लास्टिंग लोगों की जान से खिलवाड़ है। प्रबंधन केवल उत्पादन पर ध्यान दे रहा है, सुरक्षा की अनदेखी कर रहा है।
समिति ने मांग की है कि खान सुरक्षा निदेशालय (डीजीएमएस) एवं लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई की जाए। मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा एवं एक सदस्य को योग्यता अनुसार एसईसीएल में स्थायी रोजगार दिया जाए। साथ ही ब्लास्टिंग प्रक्रिया एवं सुरक्षा मानकों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
समिति ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। कई ग्रामीण संगठनों ने सुआभोड़ी फेस में काम तत्काल बंद करने की मांग की है। क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और प्रशासन एवं प्रबंधन की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं।



