छत्तीसगढ़ में आज से खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आगाज, उपमुख्यमंत्री बोले- राज्य के खेल तंत्र के लिए मील का पत्थर

रायपुर। छत्तीसगढ़ की मेजबानी में बुधवार, 25 मार्च से पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत होने जा रही है। इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए राज्य पूरी तरह तैयार है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह आयोजन भारतीय खेल इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा और राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को नई ऊंचाई देगा।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने पहले सरगुजा और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन छोटे स्तर पर किए हैं, लेकिन अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी कर राज्य एक बड़े राष्ट्रीय मंच पर कदम रख रहा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारी खेल प्रतिभाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को खेलते देखना छत्तीसगढ़ के उभरते खिलाड़ियों के लिए एक समृद्ध अनुभव होगा।
30 राज्यों के 3,800 खिलाड़ी लेंगे हिस्सा
इस प्रतियोगिता में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3,800 प्रतिभागी शामिल होंगे। 3 अप्रैल तक चलने वाले इन खेलों का आयोजन रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में किया जाएगा। प्रतियोगिता में कुल नौ खेलों को शामिल किया गया है, जिनमें तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती में पदक दिए जाएंगे, जबकि मल्लखंब और कबड्डी को प्रदर्शन खेल के रूप में रखा गया है।
पदकों का गणित और आयोजन स्थल
प्रतियोगिता में कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे। एथलेटिक्स में सर्वाधिक 34 स्वर्ण पदक दिए जाएंगे, जिसका आयोजन जगदलपुर में होगा। वहीं रायपुर में हॉकी और फुटबॉल की टीमें भिड़ेंगी, जबकि सरगुजा में कुश्ती के मुकाबले होंगे। तैराकी, वेटलिफ्टिंग और तीरंदाजी में भी बड़ी संख्या में पदक तय किए गए हैं।
दिग्गज खिलाड़ियों ने बढ़ाया उत्साह
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व ओलंपियन दिलीप तिर्की ने इस आयोजन पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह आदिवासी युवाओं के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन अवसर है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को खेल राष्ट्र बनाने की दिशा में यह एक बड़ी कड़ी है। वहीं देश के उभरते एथलीट अनिमेष कुजूर ने भी सरकार के इस प्रयास की सराहना की।
लैंगिक समानता का रखा गया ध्यान
इस आयोजन में पुरुष और महिला खिलाड़ियों का अनुपात लगभग बराबर रखा गया है, जो ओलंपिक चार्टर के लैंगिक समानता सिद्धांत के अनुरूप है। मेजबान छत्तीसगढ़ के साथ ही ओडिशा, झारखंड और असम जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इन सभी खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय खेल महासंघों द्वारा आयोजित ट्रायल्स के माध्यम से किया गया है, जिन पर भारतीय खेल प्राधिकरण के कोचों की नजर रहेगी।



