रायपुर में तोमर बंधु मामले पर करणी सेना की महापंचायत, पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

रायपुर। राजधानी रायपुर में सूदखोर तोमर बंधु प्रकरण को लेकर आज राजपूत करणी सेना महापंचायत आयोजित कर रही है। महापंचायत में शामिल होने के लिए विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में करणी सेना के सदस्य रायपुर पहुंच रहे हैं। पुलिस ने कई पदाधिकारियों को थाने में बैठाया है, जबकि अन्य कार्यकर्ताओं का आना लगातार जारी है।
करणी सेना ने इस मामले में कुल 8 प्रमुख मांगें रखी हैं। इसमें थाना प्रभारी योगेश कश्यप को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग शामिल है। आरोप है कि उन्होंने रोहित तोमर की पत्नी भावना तोमर के साथ कस्टडी के दौरान अनुचित व्यवहार किया। इसी तरह संबंधित सीएसपी राजेश देवांगन को भी निलंबित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
रायपुर एसपी लाल उम्मेद सिंह पर भी मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न, कस्टोडियल एक्सेस और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने और संवैधानिक प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज करने की मांग उठाई गई है।
इसके अलावा, वीरेंद्र सिंह तोमर के साथ कथित मारपीट, सड़क पर घसीटने और जूते रखकर अपमान करने के आरोप में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
करणी सेना ने दावा किया है कि संगठन के पदाधिकारियों पर लगाए गए मामलों को आधारहीन और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए तुरंत निरस्त किया जाए। साथ ही तोमर परिवार को हुए आर्थिक और मानसिक नुकसान की भरपाई कराने तथा संबंधित अधिकारियों पर मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की गई है।
करणी सेना ने संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत के खिलाफ दर्ज मामले को भी रद्द करने और सभी प्रकरणों की जांच के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच टीम गठित करने की मांग की है।



