जशपुर: घायल हाथी को मिला नया जीवन, वन विभाग के त्वरित उपचार के बाद सुरक्षित जंगल लौटा

जशपुर। वन विभाग की तत्परता से घायल हाथी का समय पर उपचार कर उसे सुरक्षित जंगल की ओर भेज दिया गया। उपचार के बाद हाथी की स्थिति में सुधार हुआ और वह धरमजयगढ़ वनमंडल की ओर चला गया।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 11 मार्च की सुबह करीब 7 बजे सूचना मिली कि पत्थलगांव वन परिक्षेत्र के झक्कड़पुर बीट अंतर्गत ग्राम बुढ़ाडांड के आश्रित ग्राम गयापारा में एक हाथी किसान मोहर साय राठिया की निजी जमीन पर गिरा हुआ है। सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी पत्थलगांव अपने वन अमले के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि हाथी जमीन पर गिरा हुआ था और उसका एक पैर कमजोरी के कारण उठ नहीं पा रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन परिक्षेत्र अधिकारी ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
वनमंडलाधिकारी जशपुर शशि कुमार ने उच्च अधिकारियों से संपर्क कर हाथी के उपचार की व्यवस्था कराई। इसके बाद सरगुजा जिले के रमकोला से वन्यजीव विशेषज्ञ पशु चिकित्सक डॉ. अजित पांडेय अपनी टीम के साथ पत्थलगांव पहुंचे और हाथी का चिकित्सकीय परीक्षण किया।
जांच के बाद डॉक्टरों की टीम ने हाथी का उपचार किया। इलाज के बाद उसकी स्थिति में धीरे धीरे सुधार हुआ और कुछ समय बाद वह स्वयं उठकर सुरक्षित रूप से धरमजयगढ़ वनमंडल की ओर चला गया।
घटना के दौरान वन विभाग की टीम ने पूरे क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी और आसपास के ग्रामीणों को हाथी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी। फिलहाल हाथी सुरक्षित रूप से जंगल की ओर चला गया है और क्षेत्र में स्थिति सामान्य है।



