जग्गी हत्याकांड अपडेट: हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने जारी किया नोटिस, रायपुर एसपी कराएंगे तामिली

बिलासपुर। एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट, बिलासपुर में मामले की सुनवाई शुरू हो गई है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता सतीश जग्गी और आरोपी अमित जोगी को नोटिस जारी कर अधिवक्ता के साथ अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
डिवीजन बेंच ने नोटिस की तामिली की जिम्मेदारी रायपुर पुलिस अधीक्षक को सौंपी है। नोटिस तामिल होने के बाद एसपी को शपथ पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी कोर्ट को देनी होगी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता सतीश जग्गी के अधिवक्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले को पुनर्विचार के लिए हाई कोर्ट को वापस भेजा है। सीबीआई और राज्य की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने बताया कि वर्ष 2007 में राज्य सरकार ने निचली अदालत के बरी करने के फैसले के खिलाफ अपील की अनुमति मांगी थी, जिसे वर्ष 2011 में हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसी तरह सीबीआई की याचिका और सतीश जग्गी की पुनरीक्षण याचिका भी अलग-अलग आदेशों में निरस्त कर दी गई थी।
इन आदेशों के खिलाफ सतीश जग्गी और सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुप्रीम कोर्ट ने 6 नवंबर 2025 को दिए आदेश में देरी को क्षमा करते हुए मामले को गुण-दोष के आधार पर पुनर्विचार के लिए हाई कोर्ट को भेज दिया। साथ ही सीबीआई को निर्देश दिया कि वह इस प्रक्रिया में शिकायतकर्ता और राज्य सरकार को आवश्यक पक्षकार बनाए।
हाई कोर्ट ने अब मामले में सुनवाई शुरू करते हुए दोनों पक्षों को नोटिस जारी किया है और आगे की कार्यवाही प्रारंभ कर दी है।
गौरतलब है कि 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में कुछ आरोपी सरकारी गवाह बन गए थे, जबकि कई को दोषी ठहराया गया। अमित जोगी को निचली अदालत से बरी कर दिया गया था, जिसके खिलाफ सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।
रामअवतार जग्गी कारोबारी पृष्ठभूमि से जुड़े थे और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. विद्याचरण शुक्ल के करीबी माने जाते थे। उनके साथ ही वे एनसीपी में शामिल हुए थे और छत्तीसगढ़ में पार्टी के कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल चुके थे।
फिलहाल हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई जारी है और आगामी तारीख पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।



