तखतपुर जनपद पंचायत में अनियमितताएं उजागर: बायोमैट्रिक में आधे कर्मचारियों की एंट्री नहीं, वेतन सीईओ निर्देश पर

तखतपुर। जनपद पंचायत तखतपुर में जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार के औचक निरीक्षण के दौरान बायोमैट्रिक अटेंडेंस और वेतन भुगतान में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण में पाया गया कि तीन महीने पहले लगी बायोमैट्रिक मशीन के बावजूद आधे से अधिक कर्मचारियों की एंट्री नहीं की गई है।
निरीक्षण के समय कर्मचारी टेबल पर उपस्थित मिले, लेकिन बायोमैट्रिक जांच में पता चला कि केवल आधे कर्मचारियों का डेटा दर्ज है। शेष कर्मचारियों का अटेंडेंस बायोमैट्रिक में दर्ज नहीं होता। जनपद अध्यक्ष के पूछने पर बताया गया कि वेतन पत्रक न तो बायोमैट्रिक और न ही मैन्युअल उपस्थिति रजिस्टर के आधार पर तैयार किया जाता, बल्कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के निर्देश पर उपस्थिति मानकर वेतन आहरित किया जाता है।
इस पर जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार ने कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह नियम विरुद्ध है। वेतन भुगतान उपस्थिति के आधार पर ही होना चाहिए। उन्होंने कलेक्टर के आदेश की याद दिलाते हुए कहा कि 1 जनवरी से बायोमैट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य है, फिर भी एंट्री नहीं होना लापरवाही या जानबूझकर की गई मनमानी है।
मनरेगा शाखा के निरीक्षण में आधे से अधिक तकनीकी सहायक अनुपस्थित पाए गए। उपस्थिति रजिस्टर में कई सहायकों के पिछले दो दिनों के हस्ताक्षर दर्ज नहीं थे। जनपद अध्यक्ष ने विजिट पर जाने वाले कर्मचारियों को पहले मुख्यालय में उपस्थिति दर्ज करने तथा अनुपस्थितों को रजिस्टर में अनुपस्थित चिह्नित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मौजूद जनपद सदस्य मनहरण कौशिक ने सीईओ के निर्देश पर वेतन देने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। रामकुमार सिंगरौली ने सीईओ की मनमानी चरम पर होने तथा बायोमैट्रिक एंट्री न होने को घोर लापरवाही बताया। ऋषभ कश्यप ने सीईओ के तानाशाही रवैये की आलोचना करते हुए शासन से ईमानदार अधिकारी की नियुक्ति की मांग की।
निरीक्षण में जनपद सदस्य मनहरण कौशिक, रामकुमार सिंगरौली एवं ऋषभ कश्यप उपस्थित रहे।



