अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश, नागपुर से चार आरोपी गिरफ्तार

राजनांदगांव। थाना बसंतपुर और साइबर सेल राजनांदगांव की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का खुलासा किया गया है। पुलिस ने चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले आदतन चार आरोपियों को नागपुर, महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी में शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी साक्ष्यों की अहम भूमिका रही।
पुलिस के अनुसार, थाना बसंतपुर क्षेत्र में दर्ज दो अलग-अलग चोरी के मामलों में अज्ञात आरोपियों द्वारा सूने मकानों को निशाना बनाकर नकदी और सोने-चांदी के जेवरात चोरी किए गए थे। पहली रिपोर्ट दिनांक 14 दिसंबर 2025 को दर्ज की गई थी, जिसमें 12 से 13 दिसंबर के बीच 50 हजार रुपये नकद, चांदी की पायल, बिछिया और सोने के टॉप्स चोरी होने की जानकारी दी गई थी। इस पर अपराध क्रमांक 593/2025 कायम किया गया। वहीं दूसरी घटना 30 दिसंबर 2025 की दरमियानी रात की है, जिसमें घर के पीछे की खिड़की तोड़कर नकदी और बड़ी मात्रा में चांदी के बर्तन व दीये चोरी किए गए। इस मामले में अपराध क्रमांक 04/2026 दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव अंकिता शर्मा के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बसंतपुर निरीक्षक एमन साहू और साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार पम्मार के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गईं। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम नागपुर पहुंची, जहां घेराबंदी कर चारों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में आकाश यादव उर्फ अबु बकर और रसल शेख, दोनों निवासी पश्चिम बंगाल, तथा अजय जैन और राजेश निषाद निवासी राजनांदगांव जिले के शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से कुल 14,500 रुपये नकद, सोने का एक जोड़ी कान का टॉप, चांदी के पायल, बिछिया, थाली, दीये, तीन मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं। बरामद सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 2.50 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस ने चारों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर 6 जनवरी 2026 को न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल वारंट जारी होने पर उन्हें जिला जेल राजनांदगांव भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है और वे पूर्व में चोरी व अन्य मामलों में संलिप्त रहे हैं।
इस पूरी कार्रवाई में थाना बसंतपुर और साइबर सेल राजनांदगांव के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही।



