अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट का सरगना बलतेज सिंह दोषी करार, 22 वर्ष की कैद

ऑकलैंड। न्यूजीलैंड में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी रैकेट के संचालन के मामले में कारोबारी बलतेज सिंह को 22 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। बलतेज पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारे सतवंत सिंह का भतीजा है।
न्यूजीलैंड के मीडिया आउटलेट ‘स्टफ’ के अनुसार, 33 वर्षीय बलतेज सिंह ऑकलैंड में रहते हुए भारत, दुबई और अमेरिका से ड्रग्स मंगवाता था। कोर्ट ने पुलिस, सरकार और मीडिया को उसकी पहचान उजागर न करने के निर्देश दिए थे, हालांकि भारत में उसकी पहचान पहले ही सार्वजनिक हो चुकी थी। बाद में उसने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका वापस ले ली, जिसके बाद उसकी पहचान सार्वजनिक कर दी गई।
पकड़े गए नशीले पदार्थों की अनुमानित कीमत लगभग 36 मिलियन एनजेड डॉलर (करीब 180 करोड़ रुपये) थी। यह मामला तब उजागर हुआ जब न्यूजीलैंड के एक व्यक्ति की मौत ‘मेथ’ (मेथामफेटामाइन) मिली बीयर पीने से हो गई। जांच में पता चला कि इस मेथ की तस्करी बलतेज सिंह के नेटवर्क के माध्यम से की गई थी।
जांच अधिकारियों के अनुसार, बलतेज सिंह का तस्करी नेटवर्क भारत, कनाडा, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात तक फैला था। जांच से बचने के लिए मेथामफेटामाइन और उसके प्रीकर्सर केमिकल्स को आम उपयोग की वस्तुओं में छिपाकर रखा जाता था, जिनमें भारत से मंगाया गया नारियल पानी, अमेरिका से आई कोम्बुचा की बोतलें और कनाडा से आई ‘हनी बियर’ की लगभग 30 हजार कैन शामिल थीं।
2021 और 2022 के बीच ये खेप न्यूजीलैंड पहुंची और साउथ ऑकलैंड की एक औद्योगिक इकाई में इन्हें प्रोसेस किया गया। यहीं पर लिक्विड मेथामफेटामाइन को निकालकर क्रिस्टल में बदला गया, जिसे स्थानीय स्तर पर वितरित किया जाना था।
इस रैकेट का खुलासा मार्च 2023 में 21 वर्षीय एडन सगाला की मौत के बाद हुआ। उसने अनजाने में दूषित ‘हनी बियर’ कैन से लिक्विड मेथामफेटामाइन पी लिया था, जो उसे उपहार में मिली थी। मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि उसके शरीर में मेथामफेटामाइन का स्तर ‘बेहद अधिक’ था, जिससे ओवरडोज के कारण मौत हुई।
इस मामले में सह-आरोपी हिम्मतजीत ‘जिमी’ सिंह कहलोन को गैर-इरादतन हत्या और सप्लाई के लिए मेथामफेटामाइन रखने का दोषी पाते हुए 21 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।




