गरियाबंद: छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर धान तस्करी के खिलाफ सघन कार्रवाई, 28 वाहन व 1370 क्विंटल धान जब्त

गरियाबंद। छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान तस्करी पर पुलिस व राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप मच गया है। पिछले 27 दिनों में कुल 28 वाहन जब्त कर 1370 क्विंटल ओडिशा का धान पकड़ा गया, जिससे सरकार को करीब 45 लाख रुपये का नुकसान होने से बचाया गया।
देवभोग पुलिस ने 17 वाहन व डंप से 670 क्विंटल, अमलीपदर पुलिस ने 8 वाहनों से 500 क्विंटल तथा राजस्व अमले ने 6 वाहनों से 200 क्विंटल धान जब्त किया। मगररोडा नाका से 500 मीटर दूर ओडिशा के जामलीपारा में डंप ट्रक छोड़कर तस्कर फरार हो गए। अमलीपदर में रात की कार्रवाई में दो ट्रैक्टर व एक मेटाडोर से 314 पैकेट धान बरामद हुआ।
कार्रवाई का असर: देवभोग ब्लॉक के 12 खरीदी केंद्रों में इस बार मात्र 8 हजार क्विंटल धान की खरीदी हुई, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 16 हजार क्विंटल से अधिक था। गोहरापदर ब्रांच के सीमावर्ती केंद्रों में भी खरीदी आधी रह गई।
तस्करी की दो बड़ी वजहें:
- स्थानीय उत्पादन कम: देवभोग व अमलीपदर क्षेत्र में प्रति एकड़ औसत पैदावार 10-12 क्विंटल है, जबकि समर्थन मूल्य पर 21 क्विंटल प्रति एकड़ खरीदी होती है। अंतर पूरा करने के लिए ओडिशा के धान पर निर्भरता बढ़ी।
- ओडिशा में खरीदी ठप: इस साल मिलर अनुबंध न होने से 28 नवंबर से शुरू समर्थन मूल्य खरीदी बंद है। बिचौलिए 2000 रुपये क्विंटल नकद देकर धान खरीद रहे हैं, जिसे छत्तीसगढ़ में 2300-2500 रुपये में बेचा जा रहा है।
थाना प्रभारी फैजुल शाह हुदा व दिलीप मेश्राम ने कहा कि एसपी के निर्देश पर सीमावर्ती थानों में समन्वय कर कार्रवाई जारी रहेगी। सीमा अवैध गतिविधियों में बाधा नहीं बनेगी।



