दतिया जिला अस्पताल में मरीजों से अमानवीय व्यवहार, वार्ड से निकाले जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

दतिया। जिला अस्पताल में मरीजों के साथ संवेदनहीनता और अमानवीय व्यवहार के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। ट्रामा सेंटर और जनरल वार्ड से मरीजों को जबरन बाहर निकाले जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पहला मामला ट्रामा सेंटर का है, जहां भर्ती एक युवक को ड्यूटी डॉक्टर ने अचानक वार्ड खाली कर जनरल वार्ड में जाने का आदेश दे दिया। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि मरीज के हाथ में लगी ड्रिप तक नहीं निकाली गई और उसे उसी स्थिति में बाहर जाने को कह दिया गया। मरीज ने एक दिन और ट्रामा सेंटर में रुकने का अनुरोध किया, लेकिन डॉक्टर ने उसकी एक न सुनी और उसे वार्ड से बाहर कर दिया।
दूसरा मामला अस्पताल की गैलरी से सामने आया है, जहां एक वृद्ध महिला कड़ाके की ठंड में फर्श पर लेटी नजर आ रही है। परिजनों के अनुसार महिला का ऑपरेशन होना था, लेकिन जब उन्होंने एक दिन बाद ऑपरेशन कराने की बात कही, तो डॉक्टर ने उसे वार्ड से बाहर निकाल दिया। इस अमानवीय व्यवहार के कारण वृद्ध महिला को अस्पताल की गैलरी में फर्श पर रात गुजारनी पड़ी।
इन गंभीर मामलों पर सफाई देते हुए सिविल सर्जन डॉ. राठौर ने कहा कि विषय उनके संज्ञान में है। उन्होंने तर्क दिया कि मरीजों की स्थिति गंभीर नहीं होने के कारण उन्हें दूसरे वार्ड में शिफ्ट होने के लिए कहा गया था। हालांकि, जिस तरीके से मरीजों को वार्ड से बाहर किया गया, उसे लेकर स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर भारी नाराजगी देखी जा रही है।



