भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: व्हाइट हाउस ने संशोधित की फैक्ट शीट, दालों के आयात का जिक्र हटाया

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौते को लेकर बनी सहमति के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति भवन व्हाइट हाउस ने मंगलवार देर शाम अपने संक्षिप्त ब्यौरे (फैक्ट शीट) में सुधार किया है। संशोधित ब्यौरे से यह स्पष्ट हो गया है कि अमेरिका से दाल आयात करने को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ है।
एक दिन पहले जारी फैक्ट शीट में दालों का उल्लेख किया गया था, जिसे अब नए विवरण से पूरी तरह हटा दिया गया है। इसके साथ ही, व्हाइट हाउस ने भारत द्वारा अगले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी उत्पाद खरीदने के दावे पर भी अपनी भाषा नरम की है। पहले जहां इसे एक प्रतिबद्धता बताया गया था, वहीं अब कहा गया है कि भारत इन उत्पादों को खरीदने का इरादा रखता है, यानी यह कोई अनिवार्य बाध्यता नहीं है।
विपक्ष के हमलों के बीच सरकार को राहत
व्हाइट हाउस द्वारा जारी पहले के विवरण को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। ट्रंप प्रशासन द्वारा भाषा में किया गया यह बदलाव संकेत देता है कि वाशिंगटन राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दों पर सतर्कता बरत रहा है। भारत सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील कृषि उत्पादों के आयात के रास्ते नहीं खोले जा रहे हैं। दालें भारत के लिए एक संवेदनशील उत्पाद हैं और इनके टैरिफ में बदलाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ सकता था।
डिजिटल सर्विस टैक्स पर भी बदला रुख
संशोधित फैक्ट शीट में डिजिटल सेवाओं पर लगने वाले टैक्स को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले दावा किया गया था कि भारत अपना डिजिटल सर्विसेज टैक्स हटा देगा, लेकिन अब इसे हटाकर केवल इतना कहा गया है कि दोनों देश डिजिटल व्यापार नियमों पर द्विपक्षीय बातचीत जारी रखेंगे। इसमें भेदभावपूर्ण प्रथाओं और व्यापारिक बाधाओं को दूर करने पर चर्चा होगी।
ये संशोधन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई वार्ता के बाद जारी मूल संयुक्त बयान के अधिक करीब हैं। जानकारों का मानना है कि पहले जारी किए गए ब्यौरे से भारत सरकार असहज थी, जिसके बाद यह सुधार सामने आया है।



